
देवी की कृपा पाएं
22 मार्च, 14 और 15 अप्रैल 2023 को विशेष अर्पण भेंट करके, अपनी सम्पूर्ण खुशहाली के लिए देवी की कृपा प्राप्त करके नये साल की शुरुआत करें।
चंद्र हिंदू नव वर्ष न केवल सांस्कृतिक रूप से, बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे धरती, सूर्य और चंद्रमा के बीच संबंध और मानव प्रणाली पर इसके असर को ध्यान में रखकर तय किया गया है। इसलिए नये साल की तारीखें खेती के नये मौसम की शुरुआत और वसंत के स्वागत के हिसाब से तय की गई थीं - 1 जनवरी को नया साल नहीं माना जाता था।
भारत में, हर क्षेत्र में चंद्र हिंदू नव वर्ष मनाने का एक अनूठा तरीका है। लिंग भैरवी में आयोजित इस उत्सव के एक हिस्से के रूप में, देश के विभिन्न हिस्सों से भक्त देवी की कृपा पाने के लिए कई चढ़ावा अर्पित कर सकते हैं। यह उत्सव तीनों दिन (22 मार्च, 14 और 15 अप्रैल) खुला रहेगा।
वैसे तो यह उत्सव भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है, पर मूल रूप से यह खेती के नये मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। खेती ही इन सभी संस्कृतियों के जीवन का आधार है। चंद्र हिंदू नव वर्ष को तमिलनाडु में पुतांडु, पंजाब में वैसाखी, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में उगादी, सिंधियों द्वारा चेटी चंड, केरल में विशु, मैथिली में जुर सीतल, असम में बिहू बोहाग, बंगालियों द्वारा बैशाख पोहेला, ओडिशा में पाना संक्रांति और पूर्वोत्तर भारत में संगकेन कहा जाता है।
देवी की कृपा प्राप्त करके नये साल की शुरुआत करें
| तारीख | नये साल का त्यौहार - राज्य | अर्पण |
| 22 मार्च | उगादी - कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश गुड़ी पड़वा - महाराष्ट्र, गोवा और दमन (केंद्र शासित प्रदेश) नवरेह - कश्मीर चेटीचंड - सिंधी नव वर्ष चैत्र शुक्लादि - उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों में साजिबु चेरोबा -मणिपुर | देवी अभिषेकम् - रु. 330 |
| 14 अप्रैल | पुतांडु - तमिलनाडु बैसाखी - पंजाब बोहाग बिहू - असम बिविसागु — बोडोलैंड पाना संक्रांति – उड़ीसा बिसु परबा - कर्नाटक का तुलुनाडु और केरल जूर सीताल - बिहार और झारखंड बुसू- त्रिपुरा बिझू - मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों में, त्रिपुरा और असम सांगकेन - अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ हिस्सों में नेपाल संबत - नेपाल | देवी अभिषेकम् - रु. 330 सुफला अर्पणम् - रु. 770 दीपम् अर्पणम् - रु. 770 |
| 15 अप्रैल | विशु - केरल पोहेला बैशाख - पश्चिम बंगाल | देवी अभिषेकम् - रु. 330 |
देवी की कृपा पाने के लिए 11 भेंटों का अर्पण।
देवी की कृपा से नये साल को रोशन करने के लिए घी के दीपक अर्पित करें।
फल जीवन की सम्पूर्णता का प्रतिनिधित्व करते हैं। देवी की कृपा अर्जित करने के लिए फल चढ़ाएं।
देवी की कृपा में लीन हो जाएंx`
देवी की उपस्थिति अनुभव करने के लिए, आप विशेष देवी अभिषेकम् भी देख सकते हैं (14 अप्रैल, शाम 6:30 से 8:00 बजे तक)। यह अभिषेकम् लिंग भैरवी से लाइव प्रसारित किया जाएगा।
लाइवस्ट्रीम देखने के लिए रजिस्टर करें।
संपर्क करें
ईमेल: lb.events@lingabhairavi.org
फोन: +91 83000 83111













