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ईशा संघमित्र

रचें एक सचेतन विश्व

‘सुंदर चीजें इसलिए घटित नहीं होतीं क्योंकि किसी ने उनकी कामना की है। सुंदर चीजें इसलिए होती हैं क्योंकि कोई इन्हें साकार करता है। क्या आप वह ‘कोई’ हैं...’ - सद्गुरु

ईशा संघमित्र

रचें एक सचेतन विश्व

‘सुंदर चीजें इसलिए घटित नहीं होतीं क्योंकि किसी ने उनकी कामना की है। सुंदर चीजें इसलिए होती हैं क्योंकि कोई इन्हें साकार करता है। क्या आप वह ‘कोई’ हैं...’ - सद्गुरु

ईशा संघमित्र क्या है?

योग संस्कृति में, संघ का मतलब एक आध्यात्मिक समुदाय से होता है और मित्र का अर्थ है दोस्त। संघमित्र वह व्यक्ति है जो आध्यात्मिक समुदाय का मित्र है।

ईशा संघमित्र, एक अधिक सचेतन मानवता के निर्माण के सद्गुरु के सपने का अभिन्न अंग बनने का एक अनोखा अवसर और उसके प्रति प्रतिबद्धता है। वे धरती पर हर मनुष्य को आध्यात्मिकता की कम से कम एक बूंद प्रदान करना चाहते हैं।

संघमित्र होने के लिए आपको, अपनी इच्छा से चुने हुए समय के एक दौर के लिए, हर महीने दान करना होता है।

प्रत्येक दान, वह चाहे जितना छोटा या बड़ा हो, एक अंतर पैदा कर सकता है। जिस भी तरीके से आप दे सकें, कृपया हमें सहयोग दें।

अनुभव

‘मुझे कभी नहीं पता था कि एक ऐसी जगह भी है जहां मैं स्वयं को पूरी तरह से लोगों की सेवा में अर्पित कर सकती हूं, और जहां नाजायज़ फायदा उठाए जाने की चिंता भी न हो। उसे हर दिन कर पाने का आनंद और आजादी मेरे लिए एक सौभाग्य है! मुझे हमेशा महसूस होता है जैसे कि मेरा ख्याल रखा जा रहा है। मैं उन लोगों को शीश झुकाती हूं जिन्होंने इस स्थान को बनाया।’

- अदिति नारायन

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