कोरोना वायरस महामारी ने हमारे ध्यान में यह बात तीव्रता से लायी है कि स्वस्थ रहने का कितना महत्व है। हमारी प्रतिरक्षा शक्ति की मजबूती आज वास्तव में हमारे जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर है। यहाँ हमने कुछ लेखों के कुछ विशेष भागों का उल्लेख किया है, जिनमें सद्‌गुरु बता रहे हैं कि किस तरह से अपनी प्रतिरक्षा शक्ति को, नींद को, अपने भोजन को एवं पाँच तत्वों का सही ढंग से प्रबंधन कर के हम ज्यादा स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। ये सुझाव कोरोना विषाणु का इलाज नहीं हैं, पर इनका पालन कर के निश्चित रूप से किसी भी संक्रमण से लड़ने की अपने शरीर के क्षमता को हम बढ़ा सकते हैं।

अच्छे स्वास्थ्य के मूल तत्व

अच्छा स्वास्थ्य बनाना कोई एक दिन का काम नहीं है, पर कुछ प्रभावी तरीके हैं जिनसे आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिये प्रयत्न करना शुरू कर सकते हैं :

अपनी इम्यून शक्ति को मजबूत करें

रिसर्चर इस बात पर सहमत हैं कि किसी भी संक्रामक रोग के विरुद्ध सर्वोत्तम सुरक्षा के लिये शक्तिशाली प्रतिरोधी क्षमता होना आवश्यक है। तो कोविड-19 की चुनौती का सामना करने के लिये अपनी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए तैयार हो जाईये :

भोजन एवं आहार

मानव शरीर बनाने के लिये भोजन मूल सामग्री है । हम क्या खाते हैं, इसका बहुत बड़ा प्रभाव हमारे शरीर के स्वास्थ्य और उसकी मजबूती पर पड़ता है। सद्‌गुरु के इन 12 विस्तृत लेखों से जानिये कि आप अपने लिये सर्वोत्तम आहार योजना कैसे बना सकते हैं :

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नींद एवं आराम

रात की अच्छी, गहरी नींद शरीर और मन, दोनों पर अद्भुत असर करती है। सद्‌गुरु के इन व्यवहारिक सुझावों से सबसे गहरी नींद प्राप्त करें : 

स्वस्थ जीवन के लिये 5 तत्वों की शुद्धि

योग में भूत-शुद्धि(हमारी शारीरिक व्यवस्था के पाँच तत्वों की शुद्धि) एक अत्यंत मूल प्रक्रिया है और हमारे स्वास्थ्य एवं खुशहाली का आधार मानी जाती है। इस गूढ़ लगने वाली प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए, सद्‌गुरु उसे सब के लिये सुलभ बना रहे हैं....

सद्‌गुरु: “अगर आप प्रचुरता के भाव में हैं, आनंदपूर्ण और अद्भुत हैं तो आप की प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा बेहतर काम करेगी, बजाय कि जब आप चिंतित और तनावपूर्ण होते हैं। अतः मूल बात यह है कि आप को अपने जीवन को प्रचुर एवं जीवंत बनाना चाहिये, न कि अवसादपूर्ण। आनंद, प्रेम, ध्यान या उच्चतम स्थिरता के रूप में यह अभिव्यक्त होगा। हम नहीं जानते कि क्या हम इस विषाणु को अपने शरीरों और घरों में प्रवेश करने से रोक सकेंगे, पर हम कोशिश कर रहे हैं। हम विषाणु की तरह ज्यादा से ज्यादा गतिशील रह सकते हैं। ये विषाणु बहुत गतिशील है, और अपना काम अच्छी तरह से कर रहा है। हमें मनुष्य के रूप में अपना काम अच्छी तरह से करना चाहिये।”