फ़िल्म निर्माता, फैशन डिज़ाइनर, कवि एवं कलाकार मुज़फ्फर अली के साथ एक बातचीत के दौरान सद्गुरु दूरदृष्टि, स्वप्न, रहस्यवाद तथा तांत्रिक प्रक्रियाओं की परिभाषा को सुलझा रहे हैं। वे समझा रहे हैं कि सपना हमारे मन का ही एक आयाम है, पर केवल शरीर और मन से परे जा कर ही रहस्यवाद के आयाम को स्पर्श किया जा सकता है।