योग से होने वाले शारीरिक और मानसिक फायदों के बारे में हम सब जानते हैं, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित हो जाने से योग कई और आयामों में भी कारगर साबित हो सकता है...

योग किसी भी धर्म और संप्रदाय से नहीं जुड़ा है। योग प्रेम, अहिंसा, करुणा और सबको साथ लेकर चलने की बात करता है। खासकर विश्व के नेताओं ने अगर अपने जीवन में एकात्मकता को, जीवन के योग को समझ लिया और उसे महसूस कर लिया तो दुनिया में खासा बदलाव आ जाएगा।योग धर्म, नस्ल, जाति, वर्ण, क्षेत्र या भाषा के आधार पर जन्मे भेदभाव से परे है, इसलिए इसमें पूरी दुनिया को एक परिवार के तौर पर बांधने की क्षमता है।

 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन इसलिए भी और महत्वपूर्ण हो जाता है, ताकि उस दिन दुनियाभर में योग को उसकी पूरी गरिमा व महत्ता के साथ सामने रखा जा सके, उसका उत्सव मनाया जा सके। इससे दुनिया भर के लोग न सिर्फ इसके विशुद्ध स्वरूप से परिचित हो सकेंगे, बल्कि योग की अतुलनीय और सार्वभौमिक अपील के बारे में जान सकेंगे और महसूस कर सकेंगे।

 

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के बारे में सद्‌गुरु

 

योग, जीवन की प्रक्रिया की छानबीन है। यह सभी धर्मों से पहले अस्तित्व में आया और इसने मानव के सामने संभावनाओं को खोलने का काम किया जिससे इंसान कुदरत की ओर से तय की गई सीमाओं से परे जा सके। योग विज्ञान को उसके विशुद्ध रूप में दुनिया को मुहैया कराने की जिम्मेदारी इस पीढ़ी की है। आंतरिक व आत्मिक विकास, मानव कल्याण व मुक्ति से जुड़ा यह विज्ञान भावी पीढ़ी के लिए एक महानतम तोहफा है।

 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक बेहद विशेष और गंभीर मौके पर सामने आ रहा है। आज यह योगिक विज्ञान जितना महत्वपूर्ण हो उठा है, इससे पहले यह कभी इतना महत्वपूर्ण नहीं रहा। आज हमारे पास विज्ञान और तकनीक के तमाम साधन मौजूद हैं, जो इस दुनिया को बना और मिटा सकते हैं। ऐसे में यह बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि हमारे भीतर जीवन के प्रति जागरूकता और ऐसा भाव बना रहे कि हम हर दूसरे प्राणी को अपना ही अंश महसूस कर सकें। वर्ना अपने सुख और भलाई के पीछे की हमारी दौड़ सब कुछ बर्बाद कर देगी।

 

अगर दुनिया की कुछ आबादी भी इसका अनुभव कर ले, अगर दुनिया की कुछ आबादी सचमुच ध्यान के मार्ग पर चलने लगे तो निश्चित तौर पर दुनिया की गुणवत्ता और स्तर में सुधार आएगा। खासकर विश्व के नेताओं ने अगर अपने जीवन में एकात्मकता को, जीवन के योग को समझ लिया और उसे महसूस कर लिया तो दुनिया में खासा बदलाव आ जाएगा। जीवन के प्रति अपने नजरिए में विस्तार लाने, व्यापकता लाने में ही मानव-जाति की सभी समस्याओं का समाधान है। उसे निजता से सार्वभौमिकता या समग्रता की ओर चलना होगा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन की घोषणा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इस पूरी धरती पर एक लहर पैदा कर सकता है।

संपादक की टिप्पणी

अगर आप इनर इंजीनियरिंग या फिर ईशा योग कार्यक्रम में भाग ले चुके हैं, और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (भारत में) पर एक आसान प्रक्रिया सिखाने के लिए वालंटियर करना चाहते हैं तो अपने पास के एक केंद्र से संपर्क करें।