ध्यान के 10 सूत्र जानें सद्‌गुरु से

 

पढ़ते हैं 10 सूत्र ध्यान के बारे में...

 

1. ध्यान करने से जब आपको यह अहसास होता है कि आपकी कई सारी सीमाएं हैं, और वो सब स्वयं आपकी बनाई हुई हैं, तभी आपके अंदर उन्हे तोड़ने की चाहत पैदा होगी।

 

2. ध्यान अपने अस्तित्व की खूबसूरती को जानने का एक तरीका है।

 

3. असल में ध्यान का अर्थ है, अनुभव के स्तर पर यह एहसास होना कि आप कोई अलग इकाई नहीं हैं - आप एक ब्रह्मांड हैं।

 

4. ध्यान कोई कार्य नहीं, एक गुण है।

 

5. ध्यान का अर्थ है, अपने भीतर नए आयाम जागृत करना।

 

6. ध्यान का अर्थ यह नहीं है कि आपको अपने जीवन में हर क्षण मुस्कुराते रहना होगा, बल्कि यह सीखना है कि आपकी हड्डियां भी मुस्कुराने लगें।

 

7. अगर आप अपने शरीर, दिमाग, ऊर्जा और भावनाओं को एक खास स्तर तक परिपक्व करते हैं, ध्यान अपने आप फलित होगा।

 

8. जब तक यहां आपका अस्तित्व केवल शरीर और मन के रूप में है, पीड़ा तो होगी ही, इससे बचा नहीं जा सकता। ध्यान का अर्थ है आपने शरीर और मन की सीमाओं से परे जाना।

 

9. जीवन का मूल उद्देश्य खिलने की उस सर्वोच्च अवस्था तक पहुंचना है, जहां तक पहुंचना संभव है। ध्यान खिलने के लिए खाद्य पदार्थ है।

 

10. ध्यान का अर्थ है पूरी तरह से बोध में स्थित होना। पूरी तरह से मुक्त होने का यह अकेला मार्ग है।

संपादक की टिप्पणी:

कुछ सरल और असरदार ध्यान की प्रक्रियाएं और योग अभ्यास जो आप घर बैठे सीख सकते हैं:

ईशा क्रिया परिचय, ईशा क्रिया ध्यान प्रक्रिया