कावेरी पुकारे अभियान की झलकें – ईरोड का पड़ाव
तमिल नाडू में प्रवेश करने पर होसुर और धर्मपुरी में मिले शानदार स्वागत के बाद, सद्गुरु आज मेट्टूर और ईरोड की ओर जा रहे हैं।

ArticleApr 25, 2023
सद्गुरु मेट्टूर डैम के पास से गुज़रते हुए
सद्गुरु – योगी, दिव्यदर्शी और बल्लेबाज़!
बेंगलुरु में कावेरी पुकारे आन्दोलन में कुछ दिन पहले, सद्गुरु क्रीज़ पर बैट के साथ पहुंचे और कुछ शॉट खेले।
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वे छोटी केनिषा से भी मिले, जिसने उनके लिए एक कार्ड बनाया और 42 रूपए का योगदान दिया।
ईरोड कार्यक्रम में बोलते हुए, पद्मश्री एसकेएम मईलानंदन, एसकेएम ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज़ के संस्थापक कावेरी के अतीत के बारे में बताते हुए बोले – “जब हम युवा थे, तब हम खेतों में काम करने के बाद कावेरी का पानी पीते थे। और अपनी गायों और हलों को धोते थे। लेकिन आज ऐसी स्थिति है कि किसानों को अपने साथ खेतों में पानी की बोतलें ले जानी पड़ती हैं।”




