तंत्र-मंत्र का रहस्य

अंग्रेजी भाषा में ऑकल्ट यानी तंत्र-मंत्र की परिभाषा “आध्यात्मिक रहस्य” से ले कर “गुप्तविद्या” तक गई है। इस लेखमाला की पहली कड़ी में सद्‌गुरु गलतफहमियों में घिरे इस शब्द पर से रहस्य का परदा उठा रहे हैं।
tantra mantra
 

अंग्रेजी भाषा में ऑकल्ट यानी तंत्र-मंत्र की परिभाषा “आध्यात्मिक रहस्य से ले कर “गुप्तविद्या” तक गई है। इस लेखमाला की पहली कड़ी में सद्‌गुरु गलतफहमियों में घिरे इस शब्द पर से रहस्य का परदा उठा रहे हैं।

type="text"=""

सद्‌गुरु:

अंग्रेजी शब्द ‘ऑकल्ट’ का कोई बिलकुल स्पष्ट और निश्चित अर्थ नहीं है। दरअसल ऑकल्ट का मतलब सिर्फ एक खास काबिलियत है, लेकिन चूंकि कुछ लोगों ने इस काबिलियत का गैरजिम्मेदारी से गलत इस्तेमाल किया, इसलिए ‘ऑकल्ट’ शब्द के गलत अर्थ निकाल लिए गए हैं।

‘ऑकल्ट’ यानी तंत्र-मंत्र महज एक टेक्नालाजी है। आज आप भारत में अपना मोबाइल फोन उठा कर जब चाहें युनाइटेड स्टेट्स में किसी से बात कर सकते सकते हैं। तंत्र-मंत्र ऐसा ही है – बस आप सेलफोन के बिना ही युनाइटेड स्टेट्स में किसी से बात कर सकते हैं। यह थोड़ी ज्यादा उन्नत टेक्नालाजी है। वक्त के साथ जब आधुनिक टेक्नालाजी का और विकास होगा, तब उसके साथ भी ऐसा ही होगा। अभी ही मेरे पास एक ब्लू टूथ मेकेनिज्म है, जिसमें किसी का नाम बोलने भर से मेरा फोन उसका नंबर डायल करने लगता है। एक दिन ऐसा आएगा, जब इसकी भी जरूरत नहीं पड़ेगी। बस, शरीर में एक छोटा-सा इम्प्लांट लगाने से काम चल जाएगा।

तंत्र-मंत्र का सत्य

तंत्र-मंत्र तब होगा जब आप ब्लू टूथ के बिना भी बात कर सकें। यह एक अलग स्तर की टेक्नालाजी है, पर है भौतिक ही। यह सब करने के लिए आप अपने शरीर, मन और ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं। टेक्नालाजी चाहे जो हो, आप अपने शरीर, मन और ऊर्जा का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। आम तौर पर आप अपनी सेवा के लिए दूसरे पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन एक सेलफोन या किसी भी टेक्नालाजी के उत्पादन के लिए जिन बुनियादी पदार्थों का उपयोग होता है, वे शरीर, मन और ऊर्जा ही होते हैं।

 आधुनिक विज्ञान और तंत्र-मंत्र कहीं-न-कहीं जरूर मिलेंगे

शुरू-शुरू में फोन तैयार करने के लिए आपको तरह-तरह के सामान की जरूरत होती थी। अब हम लगातार इस सामान की मात्रा घटाने की कोशिश कर रहे हैं। एक दिन ऐसा आएगा, जब हमें किसी भी सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी – यह होगा तंत्र-मंत्र। आधुनिक विज्ञान और तंत्र-मंत्र कहीं-न-कहीं जरूर मिलेंगे अगर कौन क्या है इसकी समझ में  थोड़े फेरबदल हो जाए। भौतिक का अनेक प्रकार से उपयोग किया जा सकता है। मिसाल के तौर पर अगर आप इनफार्मेशन टेक्नालाजी को लें, तो जो चीज पत्थर के टैबलेट से शुरू हुई, वह अब एक बहुत ही छोटे-से चिप तक पहुंच चुकी है। जिस के लिए पूरे पहाड़ को तराशने  की जरूरत होती, आज एक बहुत ही छोटा-सा चिप उसके लिए काफी है। भौतिक वस्तु अब सूक्ष्म हो चली है। जब हम भौतिक के सूक्ष्मतम आयाम का उपयोग करते हैं, तो उसको तंत्र-मंत्र कहते हैं।

तंत्र-मंत्र और अध्यात्म

दुनिया के कई हिस्सों में तंत्र-मंत्र को आध्यात्मिक प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है, जो कि ठीक नहीं है। जब हम आध्यात्मिक कहते हैं, तो भौतिकता के पार जाने की बात करते हैं, आपके भीतर एक ऐसी अनुभूति लाने के लिए जो भौतिक की नहीं है। पर भौतिक के सूक्ष्मतम आयामों का उपयोग करने के बावजूद तंत्र-मंत्र है तो भौतिक ही।

जैसे-जैसे आधुनिक टेक्नालाजी सूक्ष्म और सूक्ष्म होती जाएगी, तंत्र-मंत्र की जरूरत कम होती जाएगी। मान लीजिए हजार साल पहले मैं कोयंबटूर में था और आप दिल्ली में, और मैं आपको एक निर्देश देना चाहता था। आपका इतनी दूर से यात्रा करके चलते हुए मेरे पास कोयंबटूर आना या मेरा चलते हुए आपके पास दिल्ली आना, अव्यावहारिक होता, इसलिए मैं समय लगा कर तंत्र-मंत्र में महारत हासिल कर लेता, ताकि मैं अपना निर्देश आप तक पहुंचा सकूं। लेकिन अब मुझे ऐसा करने की जरूरत नहीं, क्योंकि मेरे पास एक सेलफोन है। मैं अभी भी तंत्र-मंत्र कर सकता हूं, लेकिन आपको इसे ग्रहण करने लायक बनाना – ताकि आप यह निर्देश बिलकुल साफ ग्रहण कर सकें और उस पर संदेह न करें – बेकार में बहुत सारा वक्त ले लेता। यह सब करने की बजाय मैं आपको सीधे फोन कर सकता हूं। तो तंत्र-मंत्र दिन-ब-दिन ज्यादा और ज्यादा बेमानी होता जा रहा है, क्योंकि आधुनिक टेक्नालाजी बड़ी तेजी से आगे बढ़ रही है।

मगर तंत्र-मंत्र बहुत ऊंची श्रेणी का भी होता है। शिव एक तांत्रिक हैं।

तंत्र-मंत्र - न अच्छा न बुरा

इसलिए जब आप तंत्र-मंत्र कहते हैं, तो चूंकि लोगों ने ऐसे तांत्रिकों के बारे में सुन रखा है, जिन्होंने लोगों की जिंदगी बरबाद करने की कोशिश की या जिन्होंने लोगों को बीमार बनाया और मार डाला, इसलिए वे समझते हैं कि तंत्र-मंत्र हमेशा बुरा होता है। सामाजिक दृष्टि से संभव है आपने ऐसे ही लोगों को देखा हो। मगर तंत्र-मंत्र बहुत ऊंची श्रेणी का भी होता है। शिव एक तांत्रिक हैं। सारा तंत्र-मंत्र अनिवार्य रूप से बुरा नहीं होता। तंत्र-मंत्र एक अच्छी और लाभकारी शक्ति हो सकता है। यह अच्छा है या बुरा, यह इस बात के भरोसे होता है कि इसका उपयोग कौन कर रहा है और किस मकसद से।

type="text"=""