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The source of all problems is within you. And so are the solutions.
इन्द्रिय सुख खूबसूरत है, पर वह आपको बांधता है। आनंदित होना बहुत ही अद्भुत है — और सबसे बढ़कर यह मुक्तिदायक है।
दुनिया कभी-कभी आपके खिलाफ हो सकती है। लेकिन अगर आप खुद के खिलाफ हो गए, तो कोई उपाय नहीं है।
जो आनंदित है, उसके लिए जीवन बहुत छोटा है। जो दुखी है, उसके लिए यह बहुत ही लंबा और कष्टदायक है।
बहुत ही कम लोग वाकई अपना जीवन जी रहे हैं। बाकी लोग सिर्फ गुजारा कर रहे हैं।
बच्चे शिक्षाओं और दार्शनिक विचारों से नहीं सीखते बल्कि देखकर और शामिल होकर सीखते हैं। इसलिए वह व्यक्ति बनिए जो आप चाहते हैं कि आपका बच्चा बने।
अच्छी तरह से जीने का मतलब ऐशो-आराम नहीं है। अच्छी तरह जीने का मतलब है कि अगर आप किसी पत्थर पर भी बैठें, तब भीआप आनंदपूर्वक बैठना जानते हों।
आपको अपने मन के साथ खेलना चाहिए। आपके मन को आपके साथ नहीं खेलना चाहिए।
जीवन शाप है या आशीर्वाद, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका मन आपकी बात मानता है या नहीं।
भविष्य की योजना बनाना एक बात है — पर अभी जो हुआ ही नहीं, उसे लेकर पहलकष्ट झेलना दूसरी बात है।
लोग हमेशा दुनिया के सबसे अद्भुत व्यक्ति से मिलने की कोशिश करते हैं। आप खुद ही वह अद्भुत व्यक्ति क्यों नहीं बन जाते।
अगर आप सचेत होकर रिस्पॉन्ड करते हैं, तो वह होगा जो आप चाहते हैं। अगर आदतन प्रतिक्रिया देते हैं, तो वह होगा जो कोई और चाहता है।