सद्गुरु बताते हैं कि अगर विभूति को ठीक से तैयार किया जाए तो उसमें ऊर्जाओं को धारण करने के गुण होते हैं। ये हमें निरंतर अपनी नश्वरता की याद भी दिलाती है। नश्वरता को अनदेखा करना अज्ञानटा की बुनियादी स्थिति है - और उसे याद रखना भौतिकता की सीमाओं से परे जाने का साधन।

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Sep 27, 2022
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