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प्रेम का अर्थ है खुद को विलीन कर देना। यह तब घटित होता है जब आप खुद को मिटाते हैं, तब नहीं जब आप अपना फायदा या सुविधा देखते हैं।
जीवन समावेशी है। केवल आपका मन विशेष बनने की कोशिश करता है।
रहस्य 'जीवंत' बने रहने में है। मृत्यु अपने आप में परफेक्ट होती है—आपको इसका अभ्यास करने की जरूरत नहीं है। जीवन के लिए बहुत अभ्यास की जरूरत होती है।
जीवन शाप है या आशीर्वाद, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका मन आपकी बात मानता है या नहीं।
ये बुरे लोग नहीं हैं जो ग्रह को नष्ट कर रहे हैं—बल्कि हम सभी हैं जो 'सुख की खोज' में ऐसा कर रहे हैं।
हम सिर्फ इस धरती पर रहते नहीं हैं, बल्कि हम स्वयं यह धरती हैं। यदि आप इसे आज नहीं समझते, तो तब समझेंगे जब आपको दफनाया जाएगा।
The source of all problems is within you. And so are the solutions.
इन्द्रिय सुख खूबसूरत है, पर वह आपको बांधता है। आनंदित होना बहुत ही अद्भुत है — और सबसे बढ़कर यह मुक्तिदायक है।
अगर भीतर सबकुछ अच्छा हो तो बाहरी स्थितियां अद्भुत हो जाती हैं। लेकिन यदि आप भीतर से सही स्थिति में नहीं हैं, तो आपको वसंत भी कष्टदायी लग सकता है।
आपको दुनिया को संभालने की जरूरत नहीं है। यदि आप सिर्फ खुद को संभालना सीख लें, तो सब कुछ संभल जाता है।
बहुत ही कम लोग वाकई अपना जीवन जी रहे हैं। बाकी लोग सिर्फ गुजारा कर रहे हैं।
बच्चे शिक्षाओं और दार्शनिक विचारों से नहीं सीखते बल्कि देखकर और शामिल होकर सीखते हैं। इसलिए वह व्यक्ति बनिए जो आप चाहते हैं कि आपका बच्चा बने।