मिस्टिक्स म्यूसिंग्स - एक किताब जो यंत्र भी है

सद्गुरु मिस्टिक्स म्यूजिंग्स किताब के बारे में बता रहे हैं कि किस तरह वह एक शक्तिशाली यंत्र है
 
 
 
 

सद्गुरु मिस्टिक्स म्यूज़िंग्स के बारे में बता रहे हैं कि यह क़िताब किस तरह अपने-आप में एक शक्तिशाली यंत्र की तरह है।

सद्‌गुरु: क़िताब के कुछ हिस्सों में, शब्दों के मायने महत्व नहीं रखते। यह एक यंत्र की तरह है, यह अपने-आप काम करता है। आप अलग-अलग हिस्सों से इस तरह के प्रयोग कर सकते हैं। जो भी आपको बहुत अधिक प्रभावित करे - बौद्धिक तौर पर नहीं - हो सकता है कि किसी हिस्से को पढ़ते हुए आपकी बाजू के रोंगटे खड़े हो गए हों, उसे ही कई बार पढ़ें। उसे अपने दिमाग में रखें। जिसने किताब को न पढ़ा हो, उसे वह किताब दें और हाथों में थाम कर, बैठने को कहें। हो सकता है कि वे भी उसी हिस्से को बिना किताब खोले बोलने लगें, जिसे आपने कई बार पढ़ा था, क्योंकि किताब के कुछ हिस्से यंत्र की तरह काम करते हैं। अनेक पुस्तकें काफी हद तक इसी तरह तैयार की जाती हैं। संसार में एक किताब ऐसी है जिसे 100 प्रतिशत इसी तरह रचा गया, पतंजलि योग सूत्र। आपको इसका अर्थ समझने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनके तार्किक अर्थ ज्यादा नहीं हैं, परंतु प्रायोगिक दृष्टि से ये एक यंत्र के समान हैं।

योग सूत्र, जीवन पर शायद सबसे महानतम पाठ्य हैं और इस ग्रह की सबसे गैर-दिलचस्प किताब है।

पतंजलि ने जानबुझकर कर इसे इसी तरह लिखा क्योंकि यह जीवन के रहस्यों को खोलने का एक सूत्र है। वे इसे कोई दर्शन या फिलोसोफी नहीं बनाना चाहते थे। भाषा पर उनकी इतनी गहरी पकड़ थी कि उन्होंने इसे ऐसे सूत्रों के रूप में लिखा ताकि कोई विद्वान कभी इनमें रुचि ही न ले। ये बहुत ही गैर-दिलचस्प है पर इनमें से अगर एक भी सूत्र आपके भीतर साकार हो गया, तो यह आपके भीतर अनुभव के एक नए आयाम का विस्फोट कर देगा। अगर आप एक सूत्र को पढ़ कर, अपने जीवन में साकार कर लें, तो बस हो गया। फिर आपको बाकी सारे दो सौ सूत्र पढ़ने की ज़रूरत नहीं होगी।

पतंजलि ने योग सूत्र को इसी तरह रचा है। इसके लिए आपको यह भाषा आनी जरूरी नहीं है। आप चाहें तो इसे ब्रेल की तरह पढ़ सकते हैं क्योंकि इसे केवल उँगलियों से छूने पर भी आपको लाभ होगा। मिस्टिक्स म्यूज़िंग्स के कुछ हिस्से भी, मस्ती के लिए इसी तरह बनाए गए हैं।

यह किताब कुछ नहीं सिखाती। यह आपको कोई नतीजे नहीं देती पर यह आपका ध्यान उन चीजों की ओर ले जाती है, जो आपके अनुभव के वर्तमान स्तर से परे हैं...

आप इस किताब का प्रयोग कैसे कर सकते हैं? यह किताब इसलिए नहीं कि आप इससे बढ़िया नतीजे निकाल सकें। यह आपको ऐसी प्यास देगी कि आपके भीतर पाने की इच्छा बहुत बढ़ जाए। अगर आप इसे सही नजरिए से पढ़ेंगे, तो यह आपको आगे की खोज के लिए प्रेरित करेगी। यह किताब कुछ नहीं सिखाती। यह आपको कोई नतीजे नहीं देती पर यह उन चीजों की ओर आपका ध्यान आकर्षित करती, जो आपके अनुभव के वर्तमान स्तर से परे हैं –जिससे कि आपके भीतर खोजने और जानने की एक तीव्र प्रेरणा और एक तीव्र इच्छा पैदा हो। अगर आप इस किताब से मिली तड़प और प्यास को अपने भीतर स्थान देंगे, तो यह इस पुस्तक को प्रयोग में लाने का सबसे बेहतर तरीका होगा।


यह पुस्तक कमजोर दिल वाले पाठकों के लिए नहीं है। यह हमें वास्तविकता से जुड़े उत्तर देती है और हमारा मार्गदर्शन करती है। इन उत्तरों को पाकर हम अपने भय, क्रोध, आशाओं व संघर्षों से परे जा सकते हैं। सद्गुरु हमें तर्कों के छोर तक ले जाते हैं और जीवन, मृत्यु, पुनर्जन्म, कष्ट, कर्म तथा आत्म की यात्रा से जुड़े प्रश्नों के उत्तरों से मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

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