सौभाग्यवान
इस हफ्ते के स्पॉट में सद्‌गुरु ने अमेरिका के ईशा केंद्र से एक कविता लिखी है जहाँ उत्तरी अमरीका से आए 700 लोगों के लिए 3 दिन का सत्संग और पूर्णिमा पूजा आयोजित की गयी। "सौभाग्य उन्हें नहीं मिलता...
 
Satsang
 
 
 

"सौभाग्यवान

सौभाग्य उन्हें नहीं मिलता
जो जुटे हुए हैं सोने की खोज में या
जो ढूंढ़ते फिरते हैं कचरा बाजारों में

सौभाग्य उन्हें नहीं मिलता
जो गहरे समंदर में खोजते हैं
वो जो उन के पूर्वज गवां सकते थे

सौभाग्य की तलाश करते कई
बन गए नाचीज़ और तुच्छ के दास
शरीर झुक गए सौभाग्य की तलाश में
सिर-फिर गए सौभाग्य की आस में
रूह गुलाम हुईं सौभाग्य की फि़राक में
कई- कई जीवन गंवाए सौभाग्य की तलाश में

जिसके  पीछे भागते हैं सौभाग्य के गुलाम
उसे बांटने  से ही इंसान सौभाग्यवान बनता है

सौभाग्यवान हैं वो जो बांटने से धन्य हो गए
सौभाग्यवान हैं वो जिन्हें बटोरने की जरूरत नहीं रही
सौभाग्यवान हैं वो जो चलते हैं शंभो के इशारे पर
सौभाग्यवान हैं वो जो घुलमिल कर एक हो गए उनके साथ

 

Love & Grace

 
 
 
 
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5 वर्ष 2 महिना पूर्व

Beautiful! Sounds so good in Hindi...Read the same thing a week back in english.. But when I read this had tears in my eyes..