गुरु पूर्णिमा के मौके पर हमने आश्रम में हठ योग टीचर ट्रेनिंग का दूसरा वार्षिक प्रोग्राम शुरू किया। यह देख कर बहुत अच्छा लगा कि इस प्रोग्राम के लिए दुनिया के अनेक देशों से 85 लोग आए हुए हैं। इक्कीस हफ्तों तक चलने वाले इस गहन प्रोग्राम में हठ योग के शुद्ध और पारंपरिक रूप से परिचित कराया जाता है।

हर इंसान के लिए योग के फायदे अलग-अलग होते हैं। लेकिन एक बात तय है कि नरकीय तकलीफों से यह आपको जरूर बचा लेगा। आपको नरक में अगर भेज भी दिया जाए तो हठ योग आपको ऐसा अहसास दिलाएगा कि आप स्वर्ग में हैं।  फिर आपको कभी कोई नहीं सताएगा!(हंसते हैं)। यह कोई मामूली आजादी नहीं है। हठ योग एक बहुत बड़ा विज्ञान है। यह आपके शरीर, मन और ऊर्जा का एक ऐसा मंच तैयार कर देता है जहां से आप अपनी जिंदगी को सही तरीके से अनुभव कर पाते हैं। सवाल बस यह है कि जिंदगी की आपकी अनुभूति कितनी गहरी है।

हठ योग एक बहुत बड़ा विज्ञान है। यह आपके शरीर, मन और ऊर्जा का एक ऐसा मंच तैयार करता है जहां से आप अपनी जिंदगी को सही तरीके से अनुभव कर पाते हैं।

किसी भी तरीके से अपने रसायन में बदलाव भर लाना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। जब भी आपके रसायन में बदलाव होता है, चाहे योग से हो या भोग से, आपको एक खुशनुमा अहसास होता है। लेकिन सिर्फ खुशी पाने की कोशिश भी कोई बहुत मायने नहीं रखती। हठ योग का तो सही मतलब है एक ऐसी प्रणाली बनाना जो जीवन के हर अच्छे-बुरे पहलू को एक अनुभूति के रूप में ले सके– जहां कोई भी अनुभूति इस प्रणाली को, इस ऊर्जा को तोड़ न सके। ह-ठ का मतलब उन दो मुख्य शक्तियों के बीच तालमेल पैदा करना है जो इस शरीर को बनाते हैं– सूर्य और चंद्रमा। हमारी जिंदगी का हर लम्हा, हर काम जो हम करते हैं, सब-कुछ इन दो शक्तियों से ही नियंत्रित होता है। आसनों को आप छोड़ें, सैर जैसी आसान-सी चीज को ही ले लें– हमारे चलने में भौतिकी के इतने सारे जटिल नियम जुड़े हुए हैं कि उन्हें समझना किसी के लिए आसान नहीं। आपके कान के द्रव की एक बूंद भी, जो आपका संतुलन बनाये रखने में अहम भूमिका निभाती है, अगर कम हो जाये तो आप खड़े तक नहीं हो पायेंगे। आपकी टांगें मजबूत होने से भी कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि अपनी धुरी पर लगातार तेज रफ्तार से घूम रहे इस गोल ग्रह पर चलने के लिए जाने कितनी और शक्तियों की जरूरत होती है।

Sign Up for Monthly Updates from Isha

Summarized updates from Isha's monthly Magazine on Isha and Sadhguru available right in your mailbox.

No Spam. Cancel Anytime.

हठ योग एक जरिया है कि इन शक्तियों के साथ आप जिंदगी को और गहराई से महसूस कर सकें और इनका इस्तेमाल कर सकें। इस तरह से जिंदगी के एक बड़े हिस्‍से को अनुभव कर सकें, क्योंकि आखिरकार हर इंसान की यही तो ख्वाहिश होती है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप पैसे के पीछे भाग रहे हैं या ज्ञान के, संपत्ति के पीछे या फिर प्यार के, मूल रूप से हर कोई जिंदगी को अधिक गहराई में अनुभव करना चाहते हैं। अगर आप इसे पूर्णता में पाना चाहते हैं, आप पूरा केक खुद खाना चाहते हैं तो आपका पेट उसको पचाने लायक होना चाहिए। यह सबसे अहम बात है। पारंपरिक हठ योग का मकसद आपके शरीर और मन को तैयार करना है। इन सबसे बढ़ कर आपकी ऊर्जा प्रणाली को ऐसी मजबूती देना है कि वो किसी भी प्रकार की अनुभूति को महसूस कर सके; वह सब संभाल  सके जिसको हम जिंदगी कहते हैं।

हठ का एक और मतलब है अड़ जाना। आप अड़ियल हैं, आपको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि जिंदगी आपके रास्ते में फूल बिछा रही है या कांटे, आप जहां जाना चाहते हैं वहां जा कर ही रहेंगे, जो पाना है पाकर ही रहेंगे।

यह तय करना आपके बस में नहीं कि जिंदगी आपको कौन-सा रंग दिखाए। मगर आप यह जरूर तय कर सकते हैं कि आप उससे कैसे पेश आएं। ऐसा करने के लिए जरूरी है कि आपके पास उचित शरीर, मन और ऊर्जा प्रणाली हो वरना जिंदगी के खेल ऐसे निराले होते हैं कि वह आपको पूरी तरह तोड़-मरोड़ कर खत्म कर सकती है। आपको लगता है कि आप बड़े ही अच्छे शांत स्वभाव के इंसान हैं लेकिन कभी किसी ने कुछ थोड़ा-सा बुरा कर दिया तो आप टूट जाते हैं।

हठ का एक और मतलब है अड़ जाना। आप अड़ियल हैं तो आप किसी भी चीज को छोड़ने वाले नहीं। आपको किसी से कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसे बहुत-से लोग हैं जो केवल तभी आगे बढ़ते हैं जब उनके रास्तों पर फूल बिछाया जाएं। अगर रास्ते पर कूड़ा-करकट मिला तो वे भाग खड़े होंगे। पर आप अड़ियल हैं; आपको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि जिंदगी आपके रास्ते में फूल बिछा रही है या कांटे, आप जहां जाना चाहते हैं वहां जा कर ही रहेंगे, जो पाना है पाकर ही रहेंगे। दुनिया आपके साथ चाहे जो करे आपको कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर आप वैसा हठी बनना चाहते हैं तो हठ योग उस जगह तक पहुंचने का बहुत अच्छा तरीका है। अपने भाग्‍य की दिशा और दशा तय करने के लिए हठ योग एक जबरदस्त साधन है।

 

प्रेम व प्रसाद