Q: प्रश्न: नमस्कारम, सद्‌गुरु। कभी-कभी ऐसा कुछ होता है कि मैं महसूस करता हूँ कि मैं कुछ भी ठीक से नहीं कर सकता और मैं दूसरों के लिये एक बोझ हूँ। मैं इस बारे में क्या कर सकता हूँ?

सद्‌गुरु: आप को अपना ध्यान हर समय उस चीज़ पर केंद्रित करना चाहिये, जो आप करना चाहते हैं। किसी चीज़ पर अपना ध्यान लगातार एक घंटे तक लगाने से शुरू कीजिये, फिर उसे बढ़ा कर एक पूरे दिन तक ऐसा करिये। अगर आप अपना ध्यान लगाये रख सकते हैं और उसमें पर्याप्त तीव्रता है, तो ब्रह्मांड के सारे द्वार आपके लिये खुल जायेंगे। अगर आप उसे अपनी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण प्राथमिकता बना लें, तो यह संभावना आपके लिये एक वास्तविकता बन जायेगी। समस्या ये है कि अभी आपकी प्राथमिकतायें बहुत सारी हैं, आप बहुत कुछ करना चाहते हैं। इसका मतलब ये नहीं है कि आप जीवन जीना छोड़ दें या सिर्फ कोई एक ही काम करें। आप क्या करते हैं उसका महत्व नहीं है, पर आपके लिये प्राथमिकता सिर्फ एक ही होनी चाहिये। अगर आप इस तरह से काम करेंगे तो बोझ क्यों बनेंगे?

तमिलनाडु में पुंगई मरम (Indian Beech Tree) नाम के एक पेड़ को लोग बहुत मानते हैं। इसमें कोई फल नहीं लगते, न ही उसकी टहनियों से आप दातुन कर सकते हैं, जैसे नीम के पेड़ से कर सकते हैं। पर फिर भी लोग इसे बहुत मानते हैं, बस इसलिये क्योंकि ये चुपचाप अपना काम करता रहता है। कहते हैं कि दक्षिणी भारत की गाने वाली चिड़ियों को ये सबसे ज्यादा पसंद है। इस बात के वैज्ञानिक सुबूत हैं कि कुछ पेड़ दूसरों से ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं, और इसीलिये दूसरे पेड़ों के मुकाबले उन पेड़ों की ओर जीवन ज्यादा खिंच कर आता है। मैं उस तरह की बात करना नहीं चाहता, पर अगर आप किसी पुंगई मरम पेड़ के नीचे बैठें तो दूसरे पेड़ों के मुक़ाबले आपको ज्यादा ठंडक मिलेगी। हम इसके कारणों का पता लगा सकते हैं पर इस तरह की खोजबीन से आप सिर्फ भौतिक पहलू जान पायेंगे - आपको उसके सार का पता नहीं चलेगा।

जीवन की कीमत उसकी उपयोगिता में नहीं है

हम जीवन को उसकी सुंदरता, प्रचुरता और तीव्रता के कारण कीमती मानते हैं, उसकी उपयोगिता के कारण नहीं। तो आप किसी तरह की संपत्ति बनने की कोशिश मत कीजिये वरना कोई आपको खरीदना चाहेगा। बस अपने आपको अंदर से भरा-पूरा, आनंदमय और सुंदर रखिये। भूखे लोगों को पेड़ों से फल चाहियें। आनंद से भरे लोग फूलों पर ध्यान देते हैं। जब हमने आश्रम शुरू किया था तब पूरी जमीन पर सिर्फ तीन पेड़ थे। जब स्वयंसेवकों और आश्रमवासियों ने यहाँ पेड़ लगाने का काम शुरू किया तो उनमें से कुछ लोग सिर्फ फलों वाले पेड़ और सब्जियाँ लगाना चाहते थे। पर मैंने जोर दे कर फूलों वाले पेड़ लगाने को कहा।

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फूल बहुत नाजुक होते हैं और उनका कुछ फ़ायेदा भी नहीं है। पर, आप अगर आश्रम में आते हैं, खास तौर पर आप में से वो लोग जो बड़े शहरों में रहते हैं और रोज ही चारों ओर गंदगी, कचरे की बदबू सहन करते हैं, वे इस जगह की खुशबू का मजा लेंगे। और, ये खुशबू इन बिना किसी फ़ायदे वाले फूलों की वजह से है।  तो, कोई सम्पत्ति बनने की कोशिश न करें। बस जीवन बनिये - पूरी तरह से, हर प्रकार से। हर कोई एक भरे-पूरे जीवन के करीब रहना चाहता है। आप अगर एक रुके हुए, दबे हुए जीवन हैं तो धीरे-धीरे सारी बदबू आपके सिर में पहुंच जायेगी। शुद्धता कोई गुण नहीं है - ये तो कचरे की ग़ैरहाज़िरी है। आप अगर एक अद्भुत मनुष्य होना चाहते हैं तो आपको अपने आप में कुछ भी बढ़ाने की ज़रूरत नहीं है- आप को तो चीज़ें कम करने की ज़रूरत है। आप अगर कुछ चीजें छोड़ दें तो अद्भुत हो जायेंगे।

एक पूरा जीवन

आपको अपने जीवन के साथ कुछ भी ज्यादा जोड़ने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि ये जीवन अपने आप में पूरा है, और ये अपने आप में सुंदर है। आप अपने आप को देखिये - अगर आपकी पूरी व्यवस्था को उस तरह से काम करना है जैसे ये कर रही है तो आपको एक पूरा जीवन जीना होगा। आप अगर अपने आपको अभी पूर्ण महसूस नहीं करते तो ये इसलिये है कि आप जानते ही नहीं कि अपने दिमाग का इस्तेमाल कैसे करें? या तो आपको अपनी खुशहाली के लिये इसका उपयोग करना चाहिये या फिर आपको इसे थोड़ी देर के लिये अलग करके रखना सीख लेना चाहिये। अपने आपको या दूसरों को किसी संपत्ति या बोझ की तरह मत देखिये। मैं जीवन की कीमत उसकी उपयोगिता के लिये नहीं, पर उसके गुणों और उसकी प्रचुरता के लिये करता हूँ।

गाड़ी को खींचने वाला बैल, जिसकी नसबंदी कर दी जाती है, जंगल में उधम मचाते जंगली हाथी को देख कर सोचता है, "क्या फालतू जीवन है इसका? किसी काम का नहीं"! यह तब होता है जब आपकी नसबंदी कर दी गयी हो और आप सिर्फ जीवन की उपयोगिता के बारे में सोचते हों। आपके पैदा होने और एक दिन मर जाने में क्या लाभ है? इस मानव जाति का क्या फ़ायेदा है? इस जीवन का क्या लाभ है? जीवन का कोई उपयोग नहीं है। बात बस ये है कि अगर आप जीवन सही तरह से जी रहे हैं, तो ये जीवन अद्भुत है।

संपादक की टिप्पणी: अपने जीवन को रूपांतरित करें - सद्गुरु के साथ इनर इंजीनियरिंग जीवन को खुशहाल बनाने की एक तकनीक है। यह योग विज्ञान पर आधारित है। इस चुनौती भरे समय में आधे मूल्य पर उपलब्ध 3 सितंबर तकअगर आप मेडिकल पेशेवर या पुलिस ऑफिसर हैं, तो निःशुल्क रजिस्टर करें. क्लिक करें ;