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“लिंग भैरवी स्त्री-तत्व हैं – आपको उन्हें मनाना होगा। आपको समर्पण भाव के साथ उन तक पहुँचना होगा।” —सद्गुरु

नवरात्रि साधना के फायदे:

linga-bhairavi-sadhana

  • लिंग भैरवी देवी के साथ गहराई से जुड़ें
  • देवी की कृपा प्राप्त करें और देवी की ऊर्जा का अनुभव करें
  • अपने और अपने परिवार के लोगों के जीवन में ख़ुशहाली लाएं
  • अपने भीतर और अपने आस-पास एक उल्लासपूर्ण माहौल बनाएं

यह साधना सभी के लिए खुली है। अपने परिवार और दोस्तों के साथ हिस्सा लें।

आप अपने घर में आराम से बैठकर ऑनलाइन हिस्सा ले सकते हैं। 

कब और कहाँ:

  • 11 दिनों तक प्रतिदिन ऑनलाइन साधना
  • ऊपर दिए गए ज्वाइन(जुड़ें) बटन का उपयोग करें, और प्रतिदिन हमसे जुड़कर साधना करें
  • तारीख: 5 अक्टूबर से 15 अक्टूबर
  • समय:
    • अंग्रेजी: शाम 6:20 बजे से शाम 7:20 बजे तक
    • हिंदी : रात 8:45 बजे से रात 9:45 बजे तक
    • तमिल: शाम 7:30 बजे से रात 8:30 बजे तक
  • इस साधना के अंतिम दिन 15 अक्टूबर को, 5:30 बजे से शाम 6:15 बजे तक, आप विशेष नवरात्रि अभिषेकम् की लाइव स्ट्रीम में हिस्सा ले सकते हैं। 

साधना के लिए दिशानिर्देश

  • साधना 5 अक्टूबर से लेकर 15 अक्टूबर तक रोज़ाना करनी है। ऑनलाइन सत्र के दौरान, आपको साधना के निर्देश दिए जाएंगे। बेहतर होगा कि आप प्रतिदिन सत्र में शामिल हों।
  • साधना से पहले स्नान करना सबसे अच्छा है।
  • लिंग भैरवी, लिंग भैरवी गुड़ी, लिंग भैरवी यंत्र या अविघ्न यंत्र की तस्वीर के पास बैठें।
  • देवी के लिए एक दीपक जलाएं।
  • भेंट चढ़ाएं - एक फूल, एक फल, एक मिठाई या कुछ और - जिसकी भेंट आप चढ़ाना चाहते हैं। आपके द्वारा दी जाने वाली भेंट से, आपका भेंट देने का तरीका कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
  • भोजन से जुड़े, कोई भी नियम नहीं हैं। हालांकि, सात्विक आहार सबसे मददगार होगा।
  • सुनिश्चित करें कि आपके पास एक स्थिर इंटरनेट कनेक्शन है।
  • सुनिश्चित करें कि साधना सत्र की अवधि के दौरान आपके कमरे में कोई हलचल न हो।
  • इस साधना का समापन 15 अक्टूबर को होगा। उस दिन, लिंग भैरवी में नवरात्रि अभिषेकम् की लाइव वेबस्ट्रीम होगी।

अगर आप निर्देशित सत्र में शामिल नहीं हो सकते, तो:

  • आप दिन में किसी भी समय यह साधना खुद कर सकते हैं।
  • ऊपर दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें और मददगार माहौल बनाएं।
  • "जय भैरवी देवी" स्तुति का तीन, छह, नौ या ग्यारह बार जाप करें।
  • प्रतिदिन ग्यारह चक्र जप करना सबसे अच्छा है। (एक चक्र देवी के सभी 33 नामों का पाठ है।)
  • ये देवी के 33 शुभ नाम हैं। जब इसका भक्ति के साथ जाप किया जाता है, तो आप देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए उपलब्ध हो जाते हैं।

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देवी स्तुति

जय भैरवी देवी, गुरुभ्यो नम: श्री

जय भैरवी देवी, स्वयंभो नम: श्री

जय भैरवी देवी, स्वधारिणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, महाकल्याणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, महाभद्राणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, महेश्वरी नम: श्री

जय भैरवी देवी, नागेश्वरीनम: श्री

जय भैरवी देवी, विश्वेश्वरी नम: श्री

जय भैरवी देवी, सोमेश्वरी नम: श्री

जय भैरवी देवी, दुख:संहारी नम: श्री

जय भैरवी देवी, हिरण्यगर्भिणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, अमृतवर्षिणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, भक्तरक्षिणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, सौभाग्यदायिनी नम: श्री

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जय भैरवी देवी, सर्वजननी नम: श्री

जय भैरवी देवी, गर्भदायिनी नम: श्री

जय भैरवी देवी, शून्यवासिनी नम: श्री

जय भैरवी देवी, महानंदिनी नम: श्री

जय भैरवी देवी, वामेश्वरी नम: श्री

जय भैरवी देवी, कर्मपालिनी नम: श्री

जय भैरवी देवी, योनीश्वरी नम: श्री

जय भैरवी देवी, लिंगरूपिणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, श्यामसुंदरी नम: श्री

जय भैरवी देवी, त्रिनेत्रिणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, सर्वमंगली नम: श्री

जय भैरवी देवी, महायोगिनी नम: श्री

जय भैरवी देवी, क्लेशनाशिनी नम: श्री

जय भैरवी देवी, उग्ररूपिणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, दिव्यकामिनी नम: श्री

जय भैरवी देवी, कालरूपिणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, त्रिशूलधारिणी नम: श्री

जय भैरवी देवी, यक्षकामिनी नम: श्री

जय भैरवी देवी, मुक्तिदायिनी नम: श्री

ॐ महा देवी लिंग भैरवी नम: श्री

ॐ श्री शाम्भवी लिंग भैरवी नम: श्री

ॐ महाशक्ति लिंग भैरवी नम: श्री

नम: श्री नम: श्री देवी नम: श्री

 

अगला यंत्र समारोह ईशा योग केंद्र में आयोजित किया जाएगा। आपको एक शक्तिशाली प्रक्रिया की दीक्षा दी जाएगी, और आप सद्गुरु की उपस्थिति में यंत्र प्राप्त करेंगे। अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें या 844 844 7708 पर कॉल करें।

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