संत कबीर के दोहों ने हम सब को प्रेरित किया है। आइये #NewYear #2016 के इस नए साल का स्वागत करें साउंड्स ऑफ़ ईशा के इस ख़ास प्रतिपादन से जो संत कबीर की कविता पे आधारित है – युगन युगन हम योगी साउंड्स ऑफ़ ईशा को फेसबुक पर फॉलो करें और @soundsofisha ट्विटर पर भी। इस गीत को डाउनलोड करें अपनी मनचाही कीमत पर - isha.co/sounds_of_isha

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अवधूता, युगन युगन हम योगी
आवे ना जाये मिटे ना कबहुं
शब्द अनाहत भोगी

सब ठौर जमात हमारी
सब ठौर पर मेला
हम सब मांय, सब हैं हम मांय
हम है बहूरी अकेला

हम ही सिद्धि समाधी हम ही
हम मौनी हम बोले
रूप सरूप अरूप दिखा के
हम ही हम में हम तो खेले

कहें कबीरा सुनो भाई साधो
नाहीं न कोई इच्छा
अपनी मढ़ी में आप मैं डोलूँ
खेलूँ सहज स्वइच्छा