23 अप्रैल को विश्व साहित्य के प्रतीक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1616 में सर्वंतेस, शेक्सपियर और इन्का गर्सिलासो दे ला वेगा की मृत्यु हुई थी। यह दिन कई और प्रमुख लेखकों का भी जन्म या फिर मरण दिवस है।

विश्व भर के लेखकों को सम्मान देने के लिए इस दिन का चयन किया जाना एक स्वाभाविक कदम था। इस दिन का उद्देश्य सभी को, और खासकर युवाओं को, पठन का आनंद उठाने की प्रेरणा देना है। साथ ही इसका उद्देश्य उन सभी लेखकों के लिए आदर का भाव जगाना है, जिन्होंने मानवता की सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति में सहयोग दिया है।

इसी दिशा में कदम उठाते हुए, यूनेस्को ने विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस की स्थापना की।

 

आइये जानते  हैं सद्‌गुरु की कुछ हिंदी पुस्तकों के बारे में...

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