logo
logo

महाशिवरात्रि

एक रात शिव के साथ

18 फरवरी 2023,

शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक

ईशा योग केंद्र, कोयम्बतूर से सीधा प्रसारण

15

DAYS

03

HRS

54

MINS

महाशिवरात्रि भारत के पवित्र त्यौहारों में से एक बहुत बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण उत्सव है। साल की इस सबसे अंधेरी रात को शिव की कृपा का उत्सव मनाया जाता है। शिव को आदि गुरु या प्रथम गुरु माना जाता है, और उन्हीं से यौगिक परंपरा की शुरुआत हुई थी। इस रात को ग्रहों की स्थिति ऐसी होती है कि ये मानव शरीर में ऊर्जा को शक्तिशाली ढंग से ऊपर की ओर ले जाती है। इस रात रीढ़ को सीधा रखकर जागृत और सजग रहना हमारी शारीरिक और आध्यात्मिक खुशहाली के लिए बहुत ही लाभदायक है।

झलकें देखें

2023
का महाशिवरात्रि महोत्सव

महाशिवरात्रि पूरी रात चलने वाला एक भव्य उत्सव है, जिसमें शामिल हैं सद्‌गुरु द्वारा विस्फोटक ध्यान प्रक्रियाएं और प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा शानदार नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां।

विस्फोटक निर्देशित ध्यान

(सद्‌गुरु के साथ)

पूरी रात विशेष संगीत प्रस्तुतियाँ

(प्रख्यात कलाकारों के द्वारा)

पारंपरिक प्रस्तुतियां और मार्शल आर्ट्स का प्रदर्शन

(ईशा संस्कृति के छात्रों द्वारा)

आदियोगी दिव्य दर्शनम्

A  powerful video imaging show depicting the origin of yoga. 

लाभ
महाशिवरात्रि के

महाशिवरात्रि हमें प्रकृति की शक्तियों का हमारे भलाई के लिए उपयोग करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है। ईशा योग केंद्र में पूरी रात चलने वाला महाशिवरात्रि त्योहार एक गहरे आध्यात्मिक अनुभव के लिए आदर्श माहौल तैयार करता है।

ग्रहों की
स्थिति

महाशिवरात्रि पर ग्रहों की अनूठी स्थिति के कारण मानव शरीर के अंदर ऊर्जा कुदरती तौर पर ऊपर की ओर बढ़ती है।

शामिल होने के तरीके

ईशा योग केंद्र
आकर हिस्सा लें

ईशा योग केंद्र में मनाया जाना वाला महाशिवरात्रि महोत्सव, एक उल्लास से भरपूर रात भर चलने वाला उत्सव है। ईशा योग केंद्र, आत्म-रूपांतरण का एक शक्तिशाली स्थान है।

सीधा प्रसारण
isha.sadhguru.org पर

रात के प्रदर्शन देखें और हमारी वेबस्ट्रीम के माध्यम से लाइव ध्यान में भाग लें।

टीवी
भारत के प्रमुख टीवी चैनल

आप हमारे सहयोगियों के माध्यम से टेलीविजन पर कार्यक्रम को लाइव भी देख सकते हैं।

यक्ष

संगीत और नृत्य का उत्सव

प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों से भरपूर संस्कृति, संगीत और नृत्य का वार्षिक उत्सव।

Feb 15 - 17, शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक

Day 1

Hindustani Classical Vocal

by Jayateerth Mevundi

Day 2

Carnatic Flute

by Shashank Subramanyam

Day 3

Odissi

by Madhavi Mudgal's Dance Group

सद्गुरु द्वारा महाशिवरात्रि के दिन ऊर्जावान बनाए गए रुद्राक्ष निःशुल्क भेंट किए जा रहे हैं। घर लाएं आदियोगी शिव की कृपा।

घर पर प्राण-प्रतिष्ठित रुद्राक्ष निःशुल्क प्राप्त करें

इस शुभ रात के लिए खुद को तैयार करें

महाशिवरात्रि साधना

महाशिवरात्रि के दौरान महाशिवरात्रि साधना आपकी ग्रहणशीलता को बढ़ाने वाली एक शक्तिशाली साधना है - यह रात जबरदस्त संभावनाओं वाली रात है। सात वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति यह साधना कर सकता है।

In the Grace
OF YOGA

With Sadhguru
during Mahashivratri

This program is a unique opportunity to be in Sadhguru's presence and prepare you for the auspicious occasion of Mahashivratri. It includes exclusive sessions, powerful guided meditations, and a special Pancha Bhuta Kriya with Sadhguru on Mahashivratri.

  • You can participate online or in-person

  • available in 2-Day and 5-Day formats. Starts on 15 Feb

लोकप्रिय शिव मंत्र

शिव शिव भजन
शिव शिव भजन

इस गीत को सुनकर आप महाशिवरात्रि की लय से जुड़ सकते हैं। इसे सुनकर बिना किसी प्रयत्न के झूमना शुरू किया जा सकता है!

त्रिगुण शिव जी की आरती
त्रिगुण शिव जी की आरती

तीन शक्तियां। तीन गुण। तीन देव। त्रिदेव, जो सतह पर अलग-अलग दिखते हैं, पर थोड़ी गहराई में जाने पर एक अखंड मेल का एहसास होता है। त्रिमूर्ति और इकाइयों में मेल कर दें, तो आप महादेव को पा लेंगे।

शिव स्तोत्रं
शिव स्तोत्रं

लोकप्रिय शिव कथाएं

आदियोगी- प्रथम योगी
इस लेख में सद्गुरु हमें पहले योगी आदियोगी के बारे में गहराई से समझा रहे हैं, और आदियोगी शिव की एक सुंदर छवि प्रस्तुत कर रहे हैं। वे बता रहे हैं कि आदियोगी शिव ने ही मानवता को योग का विज्ञान सिखाया था।
शिव, गणेश और पार्वती – गणेश के जन्म की कथा
सद्गुरु कहानी सुना रहे हैं कि किस तरह शिव ने गणेश का सिर काट दिया और बता रहे हैं कि लोकप्रिय धारणा के विपरीत, उनके सिर के बदले हाथी का नहीं, बल्कि शिव के विचित्र साथियों, जिन्हें गण के नाम से जाना जाता था, उनके सरदार का सिर लगाया गया था।
पूर्ण तपस्वी और गृहस्थ शिव
आदियोगी शिव एक घोर तपस्वी थे, पर वे एक गृहस्थ बन गए। वे पार्वती से विवाह करके गृहस्थ इसलिए बनें क्योंकि वे योग ज्ञान को दुनिया के साथ बांटना चाहते थे।