असम के मुख्यमंत्री ने सद्गुरु का स्वागत किया और ‘मिट्टी बचाओ’ अभियान के समझौते पर हस्ताक्षर किए
24 सितंबर
सद्गुरु ने असम के काज़ीरंगा बोर्गोस रिसॉर्ट में ‘मिट्टी बचाओ’ अभियान पर संवेदनशील विचार व्यक्त किए, साथ ही असम के माननीय मुख्यमंत्री, डॉ हिमंता बिस्वा सरमा ने, मिट्टी बचाओ अभियान के समर्थन में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। सद्गुरु ने दुनिया की खुशहाली का ज़रिया बनने में भारत की अपार क्षमता के बारे में बात की। उन्होंने असम में पर्यावरणीय पर्यटन की संभावना पर चर्चा की, जो प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुधार सकता है। उन्होंने भारत की खासियत के बारे में भी बात की, जो है - इस संस्कृति में अपने आंतरिक विकास की तरफ़ ध्यान देने, खोजने, और व्यक्तिगत विकास करने की तरफ रुझान का होना।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री द्वारा ईशा योगा सेंटर, बेंगलूरु में नाग का अनावरण
8 अक्टूबर
नाग-प्रतिष्ठा से एक दिन पहले, कर्नाटक के माननीय मुख्यमंत्री, श्री बसवराज बोम्मई ने, आम जनता के लिए नाग का अनावरण किया। कर्नाटक के चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री, श्री के. सुधाकर ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में
सद्गुरु ने नाग को अनुभूति और ज्ञान का प्रतीक बताते हुए नाग के महत्व की बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाग एक संभावना है, जीवन प्रक्रिया को सरल बनाने और केवल जीवित रहने की कोशिशों से ऊपर सोचने की।
पर्यावरण बदलाव के ग्लोबल लीडर के रूप में सद्गुरु को पहचान मिली
बिज़नेस इनसाइडर ने सद्गुरु को पर्यावरण के मुद्दों पर काम कर रहे 30 टॉप ग्लोबल लीडर्स की सूची में दर्ज किया है। ‘मिट्टी बचाओ’ अभियान की प्रमुखता दिखाते हुए, उन्होंने सद्गुरु को यह कहते हुए दिखाया कि, “खेती वाली मिट्टी में
जैविक पदार्थों की मात्रा कम से कम 3 से 6 प्रतिशत बढ़ाने के लिए एक मजबूत प्रोत्साहन योजना की बहुत अधिक आवश्यकता है।’
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने ईशा योग सेंटर, कोयंबटूर का दौरा किया
14 अक्टूबर
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री, श्री नरेंद्र सिंह तोमर, वेलंगिरि उदावन किसान उत्पाद संस्थान (FPO) के अध्यक्षों, निर्देशकों, और स्वयंसेवियों से मिले, और उन्हें समारोह शॉल देकर सम्मानित किया। किसानों ने FPO का समर्थन करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए क़दमों के लिए अपना आभार व्यक्त किया, और मंत्रालय से लगातार समर्थन की गुज़ारिश की जिससे बड़े स्तर पर बदलाव लाया जा सके।
श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने समय निकालकर ध्यानलिंग, लिंग भैरवी मंदिर, और 112 फ़ीट के आदियोगी का दौरा भी किया।