जीवन के रहस्य  LIFE

भैरवी यंत्र की मौजूदगी हर चीज़ पर प्रभाव डालती है

सद्‌गुरु बताते हैं कि कैसे लिंग भैरवी दूसरी देवियों से अलग हैं और उनकी अनगढ़ और

तीव्र ऊर्जा कैसे आपको चरम शक्ति प्रदान कर सकती है।

प्रश्नकर्ता: अगर किसी को लिंग भैरवी के बारे में पता नहीं हो और वो ऐसे घर में आता है जहाँ भैरवी यन्त्र हो, तो क्या वह यंत्र उन पर कुछ प्रभाव डाल सकता है?

भैरवी सृष्टि के स्रोत के करीब हैं

सद्‌गुरु: अगर एक भैंस भी ऐसे घर में आती है जहाँ भैरवी यंत्र हो तो ये यंत्र उस भैंस पर भी प्रभाव डालता है। संभव है कि वो एक बेहतर भैंस बन जाए, क्योंकि ये ऊर्जा बुनियादी स्तर पर काम करती है। लिंग भैरवी इंसानों तक ही सीमित नहीं हैं। वे मानव रूप में नहीं हैं, लेकिन उससे कहीं ज्यादा आधारभूत हैं। यही वजह है कि उनमें एक अक्खड़ता और तीव्रता है। अगर हमें उन्हें एक सौम्य देवी बनाना होता तो हमने एक मानव रूप बनाया होता। चूँकि हमें ऊर्जा बहुत मूलभूत स्तर पर चाहिए थी इसलिए हमने इस देवी को मानव रूप नहीं दिया।

अक्सर 'बुनियादी' या ‘मूलभूत’ शब्दों को नकारात्मक अर्थों में लिया जाता है, लेकिन 'मूलभूत' शब्द के इस्तेमाल से मेरा मतलब है कि ये मानव की अपेक्षा स्रष्टा के ज्यादा करीब हैं। सभी प्राणियों में से अगर कोई प्राणी सृष्टि से सबसे ज्यादा दूर है तो वो शायद इंसान ही है। बाकी सारे प्राणी सृष्टि के बहुत क़रीब
हैं, बेशक उन्हें स्रष्टा का ज्ञान न हो। एक इंसान स्रष्टा की इस रचना से बहुत दूर चला गया है, क्योंकि वो अपनी ही रचना में उलझा हुआ है जो उसके विचार और भावनाएँ हैं।

ऊर्जाएं जो सारे स्तरों पर काम करती हैं

अगर आप भैरवी के आसपास कुछ चीज़ें रख दें तो उन चीज़ों के गुणों में भी बदलाव आएगा। ये भैरवी की मौजूदगी में भी होगा और उन सभी दूसरे रूपों की मौजूदगी में भी होगा जो ऊर्जा के स्तर पर जागृत हैं। यही वजह है कि तीर्थ और प्रसाद को इतना महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी प्राण-प्रतिष्ठित रूप की केवल मौजूदगी ही अन्न, और बाकी वस्तुओं, ख़ासकर जल को ऊर्जा प्रदान करती है।

आप चाहेंगे कि ईश्वरीय चेतना आपमें समा जाए जिससे आपके अंदर का सृष्टिकर्ता सक्रिय
हो जाए।

अगर आप भैरवी के पास जल को केवल 10 मिनट के लिए रख दें तो जल की आणविक संरचना नाटकीय रूप से बदल जाती है। आप अक्सर देखते होंगे कि भारत में लोग मंदिर से एक चम्मच जल (चरणामृत) प्राप्त करने के लिए कैसे उतावले हो जाते हैं क्योंकि इस जल में ईश्वरीय चेतना होती है। आप चाहेंगे कि ईश्वरीय चेतना आपमें समा जाए जिससे आपके अंदर का सृष्टिकर्ता सक्रिय हो जाए। तब आप केवल एक मन और तन का ढांचा मात्र नहीं रह जाते, आप इस धरती पर एक कीड़े की भांति रेंगते नहीं रहते। कुछ ऐसा होता है जो आपको शक्ति प्रदान करता है। क्योंकि किसी भी व्यक्ति के लिए वो जो भी कार्य कर रहे हों, उसमे सफल होने के लिए कृपा आवश्यक है।

दुर्भाग्य से, आपके दिमाग को हमेशा किसी और से बेहतर बनने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। यदि आप दुनिया में नंबर एक बनना चाहते हैं, तो इसका सीधा सा मतलब है कि आप हर किसी की विफलता का आनंद लेते हैं। ये बदलना होगा, जब हम अन्य लोगों की असफलताओं का आनंद लेते हैं, तो आप उसे खुशहाली नहीं कह सकते; यह एक प्रकार की बीमारी है।

कृपा के बिना सफलता नहीं

आपको कृपा पाने के लिए ग्रहणशील होना सीखना होगा। आपकी मानसिक अवस्था आपको ग्रहणशील बना सकती है, आप जिस तरह अपने शरीर को रखते हैं, ये आपको ग्रहणशील बना सकता है, या फिर आपके पास कुछ जटिल तरीके हों और आप ग्रहणशील बनने की विद्या को जानते हों। कृपा के अभाव में सफलता संभव नहीं है। हो सकता है आप बहुत योग्य हों लेकिन आप असफल रहेंगे।

इस दुनिया में देखेंगे कि आपके आस-पास के लोग, एक क्षण की कृपा और अचानक उन्हें सफलता प्राप्त हो जाती है। अगर आप अपने शरीर और मन को ठीक से रखना जानते हैं तो आप शांत और खुश रहेंगे लेकिन इस दुनिया में अपनी जगह बनाना और अपने कार्य में सफलता प्राप्त करना कृपा के बिना संभव नहीं। कृपा रूपी स्नेहक (लुब्रिकेशन) के अभाव में आपकी मशीन ज्यादा दूर नहीं जा पाएगी। आपके जीवन में सब कुछ बड़ा कठिन होगा।

अगर कृपा नहीं है तो ये समझिए कि आपके जीवन में स्नेहक (लुब्रिकेशन) नहीं है।

अधिकतर लोग अपने साथ ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वे ख़ुद में बहुत डूबे हुए होते हैं। वे लोग कृपा के पात्र नहीं बन पाते। उनके जीवन में सब कुछ - शिक्षा, नौकरी, विवाह, संतान – सब कुछ बड़ा कठिन काम बन जाता है।

अगर आप सबसे अच्छी कार चलाएं तो भी लुब्रिकेंट के बिना 10 मिनट में ही उसमें से आवाज़ें आने लगेंगी और 25 मिनट के अंदर ये कार रुक जाएगी। सब कुछ ठीक है, अगर किसी चीज़ का अभाव है तो वो है लुब्रिकेंट। यही कृपा है। अगर कृपा नहीं है तो ये समझिए कि आपके जीवन में स्नेहक (लुब्रिकेशन) नहीं है। आसान काम करने के लिए भी आपको बड़ी तकलीफें उठानी पड़ेंगी।

ऊर्जा के इन रूपों की रचना करने के पीछे यही कारण है कि आपको शक्तिशाली तरीके से कृपा के लिए उपलब्ध कराया जाए। एक बार आप अच्छी तरह से लुब्रिकेटेड हो गए तो जीवन में सब कुछ सरल हो जाएगा।