योग और ज्ञान

परेशान करने वालों से
कैसे करें प्रेम ?

क्या आपके आसपास ऐसे व्यक्ति हैं जो अकारण आपमें चिढ़ पैदा करते हैं। सद्‌गुरु इससे निबटने के लिए एक नया और अद्भुत नज़रिया दे रहे हैं।

प्रश्न: सद्‌गुरु, हम कैसे उन व्यक्तियों से प्रेम करें जो हमें सबसे ज्यादा परेशान करते हैं ?
सद्‌गुरु:
सबसे पहले तो उनसे प्रेम करने का ढोंग मत कीजिए। केवल ये समझिए
कि वे बस आपको परेशान कर रहे हैं, आपमें चिढ़ पैदा कर रहें हैं। उनसे आपको चिढ़ क्यों होती है? केवल इसलिए क्योंकि वे उस तरह से नहीं हैं, जैसे होने की उम्मीद आप उनसे करते हैं। लेकिन साथ ही आप कहते हैं कि आप ईश्वर पर विश्वास करते हैं। अगर आप ईश्वर को मानते हैं तो जिन व्यक्तियों से आपको चिढ़ होती है वे भी उस ईश्वर की ही रचना हैं, और उनमें कुछ ऐसी ख़ासियत है कि वे आपको पूरी तरह से झुंझलाकर छोड़ते हैं।

तो ख़ुद को धोखा मत दीजिए। केवल इस बात को समझिए कि ये चिढ़ आपको इसलिए हो रही है क्योंकि आपने पहले से तय कर लिया है कि क्या सही है और क्या गलत। और आप सोचते हैं कि आपका नज़रिया ही सही है। और अगर कोई दूसरी तरह का हो तो पहले आप चिढ़ेंगे, फिर आप ग़ुस्सा होंगे, उसके बाद आप उनसे नफ़रत करने लगेंगे और अंत में आप उन्हें मारना चाहेंगे।

किसी से आपको चिढ़ क्यों होती है? केवल इसलिए क्योंकि वे उस तरह से नहीं हैं जैसे होने की उम्मीद आप उनसे करते हैं।

ये सब स्वाभाविक ही है। ये सब इसलिए होता है क्योंकि आप दुनिया के हरेक व्यक्ति से अपने जैसे होने की उम्मीद करते हैं। अगर दुनिया का हर व्यक्ति आपके जैसा होता तो क्या आप यहाँ होते? अगर आपके घर में ही आपके जैसा एक और व्यक्ति हो तो क्या आप वहाँ रह पाएंगे? ये बहुत अच्छा है कि दुनिया में प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही तरह का है।

इस संसार का हरेक व्यक्ति पूरी तरह अलग है। अगर आप अपने पास वाले व्यक्ति को ग़ौर से देखें तो आप पाएंगे कि उस जैसा कोई दूसरा व्यक्ति इस धरती पर नहीं है। उसके जैसा कोई पहले भी कभी नहीं था और आगे भी कोई नहीं होगा।

अगर आप इस बात को समझ लेते हैं कि वे इतने अनमोल हैं तो उनसे आपको चिढ़ कैसे होगी? आपके आसपास का हरेक व्यक्ति अपने आप में बिलकुल अनोखा है। और ये आपके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है कि आज आप दुनिया के इस अनोखे व्यक्ति के साथ बैठे हैं। अगर आप इसे महसूस कर लें तो चिढ़ का सवाल ही कहाँ उठता हैं। अगर आप सृष्टि के अनोखेपन को देखें तो आप प्रेम में डूबे बिना नहीं रह पाएंगे। आप प्रेम से सराबोर हो जाएंगे।

आप जीवन की प्रक्रिया से अनजान हैं। आपने आंखें खोलकर जीवन की प्रक्रियाओं को नहीं देखा है, इसलिए आप चिढ़ जाते हैं। नहीं तो कोई आपको कैसे परेशान कर सकता है? यदि आप सारी सृष्टि की हर रचना का अनूठापन देखें, तो आप हर हाल में प्रेममय बन जाएँगे। आपसे प्रेम बरसने लगेगा।