योग का सार

योग जो सद्‌गुरु सिखाते हैं, और योग जो वे करते हैं 

ज्यादातर लोग जब योग के बारे में सोचते हैं, तो उनके मन में जटिल आसनों की तस्वीर उभरती है। लेकिन यह योग की सिर्फ ऊपरी सतह है। सद्‌गुरु बताते हैं कि योग के गहरे आयाम बड़े पैमाने पर अभी भी अछूते क्यों रह जाते हैं – और जब हम शारीरिक स्तर पर ही रुक जाते हैं तो हम क्या खो देते हैं।

स्वाभाविक रूप से मजबूत और लचीला

सद्‌गुरु: जब हम कसरत कहते हैं, अगर आप कसरत को लेकर वजन उठाने और कुछ इसी तरह के काम करने के बारे में सोच रहे हैं, तो उम्र बढ़ने के साथ इसे कम से कम करना सबसे अच्छा है। यहां तक कि जब आप जवान हैं, तब भी इसे बहुत ज्यादा करना अच्छा नहीं है। अत्यधिक वजन का उठाने के बजाय अपने शरीर के स्वाभाविक वजन का उपयोग करके अधिकांश व्यायाम करना सबसे अच्छा है, क्योंकि तब मांसपेशी फूल जाएगी और फूली हुई मांसपेशी में वह लचीलापन नहीं होगा जो जरूरी है।

शरीर वास्तव में तभी प्रभावी होता है जब मांसपेशी मजबूत और लचीली होती है। अगर यह अपना लचीलापन खो देती है, तो धीरे-धीरे शरीर कई तरीकों से दुखी होगा। क्या आपने एक ख़ास उम्र के बड़े बॉडी बिल्डर को देखा है? वे जिन परेशानियों से गुजरते हैं वे बहुत ज्यादा होती हैं क्योंकि उस तरह से कसरत करना अच्छा नहीं है।

आपकी उम्र में, अगर आप व्यायाम करते हैं, तो सबसे अच्छा होगा कि खूब चलें। कुछ सरल व्यायाम हैं – एक है जिसे सूर्य नमस्कार कहते हैं। आप जानते हैं कि यह क्या है? यह एक पूरी कसरत है। अगर आप पच्चीस या पचास सूर्य नमस्कार करते हैं, तो यह हर तरह से एक पूरी कसरत है। या आप चलें और कुछ स्ट्रेचिंग करें। सुनिश्चित कीजिए कि शरीर की सभी प्रकार की गतियों का उपयोग हो।

योगासनों के बारे में यही बहुत महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी हरकत न छूटे – सभी गतियों का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह शरीर सबसे अच्छा तभी काम करता है जब यह उपयोग में हो। जो कुछ भी आप उपयोग नहीं करते वह चला जाता है – शरीर या दिमाग, दोनों। आप हमेशा कुर्सी पर बैठे रहे, और अब सिर्फ बैठना ही इतनी बड़ी समस्या बन गई है।

सबसे अच्छी बात यह होगी कि उस तरह का व्यायाम कीजिए जिससे शरीर की सभी गति रोजाना कुछ हद तक की जा सके, ताकि जब तक आप मरकर न गिर जाएं, आप अपने दम पर खड़े रहें, किसी दूसरे के सहारे नहीं। यह महत्वपूर्ण है, आपके लिए भी और दूसरे लोगों के लिए भी। "कितना करें" यह हर व्यक्ति की रुचि पर निर्भर करता है।

हर समय व्यायाम करने की कोशिश करने के बजाय, एक ऐसी गतिविधि बनाना सबसे अच्छा है जिसका आप आनंद लेते हैं। सरल व्यायाम करने के बजाय, चलें, शायद कोई खेल खेलें, बागवानी करें, या किसी के लिए सूटकेस उठाएं। हम आपको एक गतिविधि दे सकते हैं। कुछ ऐसा करना जो आपको पसंद हो, हर समय व्यायाम करने की कोशिश करने से कहीं बेहतर है।

योग के बीस सेकंड

जब लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या मैं योग का अभ्यास करता हूं, तो वे वास्तव में आसनों की बात कर रहे हैं, योग की नहीं। मेरा योग रोजाना सिर्फ बीस सेकंड का है। मैं योग का अभ्यास नहीं करता – मैं योग हूं। मैं आपको योग नहीं सिखा रहा। मैं सिर्फ खुद को साझा कर रहा हूं, जो योग है। योग कोई खास अभ्यास नहीं है – योग अपने भीतर होने का एक खास तरीका है।

शरीर के साथ जो कुछ भी आप करते हैं वह विभिन्न स्तरों पर और कई अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है। मैं दिन में बीस सेकंड शारीरिक योग करता हूं। शरीर के साथ आपको बस यह सुनिश्चित करना है कि ऊर्जाएं आपके शरीर के सभी पहलुओं में साफ तौर पर अच्छी तरह से बह रही हैं ताकि यह जीवंत और तरोताजा और स्वस्थ रहे। यही आप विभिन्न अभ्यासों से करने की कोशिश कर रहे हैं। तो मेरे पास इसे करने के लिए बीस सेकंड का अभ्यास है।

मैं योग का अभ्यास नहीं करता – मैं योग हूं।

हमारे कई स्वयंसेवक एक या दो घंटे योग कर रहे हैं, और वे कह रहे हैं, "यह उचित नहीं है। हमें बीस सेकंड वाला तरीका सिखाइए।" एक विस्तृत प्रक्रिया के बजाय, एक पल में इसे करने के लिए आपको सिस्टम पर एक निश्चित महारत चाहिए।

तो, मैं योग करता हूं या नहीं यह कोई मुद्दा नहीं है। मैं वह योग नहीं करता जो मैं सिखाता हूं क्योंकि मुझे आम तौर पर केवल योग के सबसे बुनियादी रूप सिखाने का मौका मिलता है। बहुत कम लोगों के साथ, मैं दूसरे आयामों में जाता हूं, ज्यादातर के साथ, यह सिर्फ बुनियादी बातें हैं। काश मैं वह सिखा पाता जो मैं करता हूं, लेकिन मुझे अभी तक ऐसा अवसर नहीं मिला है।