हमारे अंदर आभार का भाव होना चाहिए - उस हवा के प्रति जिसमें हम सांस लेते हैं, उस पानी के प्रति जिसे हम पीते हैं, उस भोजन के प्रति जिसे हम खाते हैं, उन वस्तुओं के प्रति जिनका हम उपयोग करते हैं, और हर उस प्राणी के प्रति जो हर पल हमारे जीवन में सहायक बनता है।
आज आयुध पूजा है