महाशिवरात्रि व्रत और साधना

महाशिवरात्रि साधना महाशिवरात्रि – की रात के लिए खुद को तैयार करने के लिए है। ये रात जबरदस्त संभावनाओं से भरी रात है। कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र सात साल से ज्यादा है, ये साधना कर सकता है।

महाशिवरात्रि साधना में दीक्षा की तारीखें इस प्रकार हैं:

ये साधना महाशिवरात्रि से पहले लगातार 40, 21, 14, 7, या 3 दिनों तक कर सकते हैं।

  • 40 days: Jan 21st
  • 21 days: Feb 9
  • 14 days: Feb 16
  • 7 days: Feb 23
  • 3 days: Feb 27

महाशिवरात्रि साधना की नित्य प्रक्रिया:

साधना की नित्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • खाली पेट शिव नमस्कार के 12 चक्र करें। सर्वेभ्यो मंत्र का तीन बार उच्चारण करें। इसे दिन में एक बार, सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से पहले, करना है।

सर्वेभ्यो मंत्र

ॐ सर्वेभ्यो देवेभ्यो नमः
(हम सभी आकाशीय और दिव्य प्राणियों को नमन करते हैं)
ॐ पंचभूताय नमः
(हम सभी पांच तत्वों को नमन करते हैं)
ॐ श्री सत्‌गुरुवे नमः
(हम शाश्‍वत गुरु को नमन करते हैं)
ॐ श्री पृथ्वीयै नमः
(हम धरती मां को नमन करते हैं)
ॐ आदियोगेश्वराय नमः
(हम उन्हें नमन करते हैं जो योग के जनक हैं)
ॐ ॐ ॐ

  • शिव नमस्कार अभ्यास के बारे में कुछ बातें:
    • गर्भवती स्त्रियां शिव नमस्कार न करें।
    • स्त्रियां अपने मासिक चक्र के दौरान शिव नमस्कार कर सकतीं हैं।
    • वे लोग जिन्हें हर्निया की शिकायत है, कुशन या कुर्सी का इस्तेमाल करके शिव नमस्कार के दूसरे रूपों का अभ्यास कर सकते हैं।
  • रात में 8-10 काली मिर्च के दाने, 2-3 बेल पत्र या नीम के पत्तों के साथ शहद में भिगोएं और मुट्ठी भर मूंगफलियों को पानी में भिगो दें। शिव नमस्कार और मंत्रोच्चारण के बाद, पत्तों को चबायें, काली मिर्च को नींबू के रस में मिला कर खा लें, और मूंगफली भी खा लें। नीम पाउडर Ishalife.com. पर उपलब्ध है। ये सुनिश्‍चत करें कि आप अपनी नियमित साधना, जैसे शाम्भवी महामुद्रा, ये सब खाने से पहले कर लेते हैं।
  • एक बार सुबह और एक बार शाम में तेल का दिया जलाएं। अगर दिया उपलब्ध न हो, तो आप मोमबत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • योग योग योगिश्वराय मंत्र का सुबह और शाम में दिया जलाने के बाद बारह बार उच्चारण करें। सबसे अच्छा ये होगा कि आप ये साधना 40 मिनट के संध्या काल के दौरान करें। दो महत्वपूर्ण संध्या काल सूर्योदय और सूर्यास्त के 20 मिनट पहले शुरू होते हैं और 20 मिनट बाद खत्म हो जाते हैं।

योग योग योगेश्वराय मंत्र

योग योग योगेश्वराय |
भूत भूत भूतेश्वराय |
काल काल कालेश्वराय |
शिवा शिवा सर्वेश्वराय |
शम्भो शम्भो महादेवाय ||

महाशिवरात्रि साधना के नियम:

साधना करते समय कुछ नियमों का पालन करना जरुरी है|

  • दिन में दो ही बार भोजन करें। पहला भोजन दोपहर 12 बजे के बाद करें।
  • अगर आपको भूख लगे, तो आप कालीमिर्च-शहद-नींबू के रस को पानी में मिला कर दोबारा पी सकते हैं।
  • सिगरेट, शराब और मांसाहारी भोजन से परहेज करें।
  • एक काला कपड़ा, पुरुष ऊपरी दायीं बांह पर और स्त्रियाँ ऊपरी बायीं बांह पर पहने। आप किसी भी काले कपड़े का इस्तेमाल कर सकते हैं, पर इस कपड़े की लम्बाई 12 इंच और चौड़ाई 1 इंच होनी चाहिए। साधना करने वाले लोग काले कपड़ा का खुद प्रबंध कर सकते हैं।
  • सिर्फ सफ़ेद या हल्के रंग के कपड़े पहने।
  • कृपया दिन में दो बार हर्बल स्नान पाउडर से स्नान करें। हर्बल स्नान पाउडर शोप्पि स्टोर पर उपलब्ध है। ज्यादा जानकारी के लिए +91-9442645112 पर संपर्क करें।
  • इन बिन्दुओं पर विभूति लगाएं आज्ञा – भौंहों के बीच में, विशुद्धि – गले के गड्ढे में, अनाहत – पसलियों के जुड़ने की जगह के ठीक नीचे और मणिपूरक – नाभि के ठीक नीचे।

महाशिवरात्रि साधना का समापन:

इस साधना का समापन महाशिवरात्रि के दिन होगा। समापन की प्रक्रिया ईशा योग केंद्र में की जा सकती है, या फिर घर पर ध्यानलिंग की तस्वीर के सामने कर सकते हैं।
समापन की प्रक्रिया:

  • जागरण में रहना जरुरी है, इसका मतलब पूरी रात जागना जरुरी है।
  • योग योग योगेश्वराय मंत्र का 112 बार उच्चारण करें।
  • पैसों या भोजन के जरूरतमंद 3 लोगों को कुछ भेंट करें।
  • एक बेल पत्र/ नीम पत्र/ या फिर 3 या 5 पत्तियों वाला पत्ता ध्यानलिंग को चढ़ाएं।
  • अपनी बांह से काला कपड़ा उतार दें, और इसे ध्यानलिंग के सामने नंदी के पास बाँध दें। वे लोग जो इस प्रक्रिया को स्थानीय केन्द्रों या घर पर कर रहे हैं, काले कपड़े को जला दें और राख को अपने ऊपरी बांहों और टांगों पर लगा लें।
  • अगर आप समापन प्रक्रिया घर पर कर रहे हैं, तो ध्यानलिंग की ये फोटो डाउनलोड कर सकते हैं

Maha Shivaratri Sadhana Dhyanalinga Image