शिवगंगा साधना पुरुषों के लिए

शिवांग साधना क्या है
शिवांग साधना आपमें यह जागरूकता लाने का एक साधन है कि आप शिव के एक अंग हैं, वे शिव जो सृष्टि का मूल स्रोत और परम संभावना हैं | - सद्गुरु
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शिवगंगा साधना के बारे में
 
पुरुषों के लिए शिवांग साधना 42 दिनों का एक शक्तिशाली व्रत है। सद्गुरु द्वारा दी गई यह साधना ध्यानलिंग की ऊर्जाओं के लिए एक व्यक्ति की ग्रहणशीलता को बढ़ाती है, और व्यक्ति को शरीर, मन और ऊर्जा के गहरे स्तरों को अनुभव करने का अवसर देती है।
यह साधना अपने भीतर की भक्ति को सामने लाने का एक अवसर है। शिवांग का अर्थ है "शिव का एक अंग", और शिवांग साधना एक अवसर है जिससे हम सृष्टि के स्रोत के साथ अपने संबंध को अपनी जागरूकता में ला सकते हैं। यह साधना पवित्र वेलियंगिरी पर्वत की तीर्थयात्रा करने और शिव नमस्कार, जो एक शक्तिशाली अभ्यास है, में दीक्षित होने का एक अवसर है।
शिव का एक अंग बनें
 
Become a Limb of Shiva
 
  • 42 दिनों का एक शक्तिशाली व्रत
  • पवित्र “शिव नमस्कार” प्रक्रिया में दीक्षा
  • "दक्षिण के कैलाश" के रूप में जाने जाने वाले वेलियांगिरी पर्वत की तीर्थयात्रा
  • भीतरी खोज के लिए एक मजबूत शारीरिक और मानसिक आधार प्रदान करता है

 

वेलियांगिरी का महत्त्व
 
वेलियांगिरी के बारे में
 
The Velliangiri Mountains are also known as Thenkailayam or the Kailash of the South – a space where Shiva, the Adiyogi himself spent some time. Over the ages, many siddhas and seers have enshrined their energies and Grace in these mountains, which can be accessed and imbibed even today. Every year, lakhs of devotees make the pilgrimage to the Velliangiri's sacred Seventh Hill, a space of tremendous power and energy.

 

 

तीर्थयात्रा का महत्त्व
 
Why Pilgrimage
 
सद्गुरु: यात्रा, सफ़र और तीर्थ यात्रा में क्या अंतर है? लोग कई कारणों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं। ऐसे खोजी हैं जो हमेशा नयी जगहों  की तलाश में रहते हैं जिसपे वे अपना पदचिह्न लगाना चाहते हैं। वे कुछ साबित करना चाहते हैं। ऐसे यात्री हैं जो सब कुछ देखने के लिए उत्सुक हैं, इसलिए वे यात्रा करते हैं। ऐसे पर्यटक हैं जो बस आराम करने जाते हैं। अन्य प्रकार के पर्यटक हैं जो सिर्फ अपने काम या परिवार से बचने के लिए जाते हैं। लेकिन तीर्थयात्री इनमें से किसी भी उद्देश्य के लिए नहीं जा रहे हैं। तीर्थ यात्रा खोज नहीं है, यह समर्पण है। यह खुद को रास्ते से हटाने का एक तरीका है | अगर आप हटते नहीं हैं, तो यह अपने आपको  व्यय करने का एक तरीका है। आपके बारे में हर वो चीज़ जो सीमित एवं बाध्यकर है उसे नष्ट करने की, और चेतना की एक असीम अवस्था तक पहुंचने की एक प्रक्रिया ह
अधिक पढ़ें… ( लोग तीर्थ यात्राओं पर क्यों जाते हैं? )
साधना की तिथि
 
Sadhana Date
 
पुरुषों के लिए खुला, यह 42-दिवसीय व्रत पूर्णिमा से शुरू होता है और ध्यानलिंग में शिवरात्रि पर समाप्त होता है, ध्यानलिंग को अर्पित करने के साथ और सुंदर विष्णुगिरि पर्वत की चोटियों की यात्रा.

पुरुषों के लिए साधना के निर्देश :

  • साधना पूर्णिमा पर शुरू होती है और 42 दिन बाद शिवरात्रि पर समाप्त होती है।
  • शिवांगों को शिव नमस्कार अभ्यास और मंत्रों में दीक्षित किया जाएगा।
  • शिव नमस्कारम दिन में 21 बार भक्ति भाव के साथ किया जाना चाहिए, या तो सूर्योदय से पहले या खाली पेट सूर्यास्त के बाद।
  • शिवरात्रि के दिन शिवांगों का कोयंबटूर के ध्यानलिंग में होना अनिवार्य है।
  • दिन में दो बार स्नान किया जाना चाहिए। साबुन के बजाय हर्बल स्नान पाउडर (स्नानम पोडी) का उपयोग किया जा सकता है।
  • कम से कम 21 लोगों से भिक्षा ग्रहण करना अनिवार्य है|
  • व्रत की अवधि के दौरान, धूम्रपान, शराब पीने और मांसाहारी भोजन खाने की अनुमति नहीं है।
  • दिन में केवल 2 बार भोजन किया जा सकता है। पहला भोजन दोपहर 12 बजे के बाद होना चाहिए।
  • साधना काल के दौरान सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहने जा सकते हैं।
  • पहली बार दीक्षित होने वालों के लिए - 400 रुपये
  • उन लोगों के लिए जो पहले दीक्षा प्राप्त कर चुके हैं - 250 रुपये
ईशा योग केंद्र तक पहुँचने के सुझाव
 
How to Get There
 

ईशा योग केंद्र, कोयंबटूर के पश्चिम में 30 किलोमीटर (20 मील) की दूरी पर वेल्लियांगिरी पर्वत की तलहटी में स्थित है, जो नीलगिरी बायोस्फीयर का हिस्सा है। दक्षिणी भारत का एक प्रमुख औद्योगिक शहर कोयंबटूर, हवाई, रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। प्रमुख एयरलाइंस चेन्नई, दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर से कोयम्बटूर के लिए नियमित उड़ानें भरती हैं। भारत के सभी प्रमुख शहरों से ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हैं। कोयंबटूर से ईशा योग केंद्र के लिए भी बस और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं।

सीधी बसें कोयंबटूर और योग केंद्र के बीच दैनिक उपलब्ध हैं: बस समय सारणी देखें

टैक्सी उपलब्ध हैं – अगर आप ईशा योग केंद्र के लिए टैक्सी बुक करना चाहते हैं, तो कृपया हमारी यात्रा सेवा से संपर्क करें 09442615436, 0422-2515430 या 0422-2515429 पर। डेस्क 24 घंटे खुला रहता है।

Ph: +91 8300083111 

ड्राइविंग निर्देश - कोयंबटूर में उक्कादम से पेरूर/सिरुवानी रोड लें। रास्ते में आलान्दुरई पड़ेगा, इरुतुपल्लम जंक्शन पर दाएं मुड़ें। योग केंद्र जंक्शन (इरुतुपल्लम) से 8 किमी दूर है और इसी सड़क पर स्थित पूंडी मंदिर से लगभग 2 किमी पहले पड़ता है। रास्ते में ध्यानलिंग मंदिर के लिए साइनबोर्ड भी मौजूद हैं।

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