क्या तंत्र मंत्र के द्वारा किसी जानवर का रूप ले सकते हैं?

क्या तंत्र मंत्र से किसी जानवर का रूप ले सकते हैं?

सद्‌गुरुसद्‌गुरु से प्रश्न पूछा गया कि तंत्र मंत्र के बारे में उनके क्या विचार है। सद्‌गुरु बता रहे हैं कि आध्यात्मिक क्षेत्र में इन सभी चीज़ों को गैरज़रूरी माना जाता है।

प्रश्न : उत्तरी अमेरिका की संस्कृति में माना जाता है कि जानवरों की आत्मा, इंसान के जीवन में एक अहम भूमिका निभाती है। सद्‌गुरु, मानव-ऊर्जा व पशु-ऊर्जा के बीच के संबंधों के बारे में आपका क्या कहना है?

सद्‌गुरु : देखिए, कुछ खास तरह की तंत्र मंत्र से जुड़ी विद्याओं में कुछ खास तरह की चीजें इंसान कर सकता है। लेकिन आध्यात्मिक क्षेत्र में इन चीजों को पूरी तरह से गैरजरूरी माना जाता है। योग के क्षेत्र में इन चीजों को पूरी तरह से पिछड़ी व अनावश्यक चीजों के तौर पर देखा जाता है। हां, तंत्र मंत्र से जुड़ी विद्या के क्षेत्र में ये सारी चीजें की जाती हैं। पिछले से पिछले साल हम लोग नेपाल में ट्रेकिंग कर रहे थे। रास्ते में हम एक घाटी से होकर गुजरे, जहां हमने कुछ नेपाली आदिवासियों को जानवरों के साथ इस तरह की तंत्र-मन्त्र से जुड़ी विद्या का इस्तेमाल करते देखा। यह अपने आप में बेहद शक्तिशाली प्रक्रिया होती है, लेकिन इन सारी चीजों का इस्तेमाल आधुनिक तकनीक आने से पहले होता था, क्योंकि तब आप इनकी मदद से कुछ चीजें कर सकते थे।

तंत्र मंत्र करने की जगह आज ड्रोन भेजना काफी है

आपने उत्तरी अमेरिकियों के बारे में सुना होगा कि कोई चील बन गया और उडक़र दूर तक निकल गया और हर तरफ देखा कि कहां क्या हो रहा है। उसके बाद वह लौटकर अपने लोगों को बताता था कि उसने कहां क्या देखा। आज आपको यह सब करने की जरूरत नहीं है। आज आपको बस एक ड्रोन भेजकर अपना टीवी स्क्रीन या मोबाइल खोलने की जरूरत है, ये आपको वो सब कुछ बता देंगे जो आप जानना चाहते हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि कहां बारिश हो सकती है, कहां बादल हैं तो इसके लिए मौसम की जानकारी देने वाला चैनल ही काफी है। मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि अब तंत्र मंत्र विद्या बेमतलब की जाने वाली कोशिश है। जब आधुनिक तकनीक का नामोनिशान नहीं था, तो ये विद्या एक जबरदस्त माध्यम हुआ करता था।

पशु प्रकृति से दूर होना है हमें

लेकिन आज तंत्र मंत्र की ऐसी विद्याएं उतनी लाभकारी नहीं रह गई है, क्योंकि वह सब आज आधुनिक तकनीक कर रही है। इसलिए बेहतर यह है कि आप अपनी पाशविक प्रवृत्ति से ऊपर उठने की कोशिश करें, बजाए इसके कि आप पशुओं की प्रकृति के साथ अपने संबंध स्थापित करें। मेरा काम यह है कि मैं यह देखूं कि आपके भीतर के पशु से आपको कैसे आजाद किया जाए, न कि आपको पशुओं के साथ कैसे कनेक्ट किया जाए।


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