क्रिया योग : अपनी जीवन ऊर्जा पर महारत पाने का मार्ग

क्रिया योग : अपनी जीवन ऊर्जा पर महारत पाने का मार्ग
क्रिया योग : अपनी जीवन ऊर्जा पर महारत पाने का मार्ग

हमारे जीवन के चार आयाम हैं – भाव, बुद्धि, शरीर और ऊर्जा। योग में जीवन के हर आयाम से जुड़ा एक मार्ग है – भावों से जुड़ा भक्ति योग, बुद्धि से जुड़ा ज्ञान योग, शरीर से जुड़ा कर्म योग, और जीवन ऊर्जा से जुड़ा क्रिया योग। क्या है क्रिया योग की विशेषताएं?

सद्‌गुरुक्रिया योग आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का एक बहुत शक्तिशाली तरीका है मगर साथ ही यह बहुत चुनौतीपूर्ण तरीका भी है। यह तरीका एक इंसान से बहुत ज्यादा अपेक्षाएं रखता है। आज के एक आधुनिक शिक्षित इंसान के लिए क्रिया योग अमानवीय होगा क्योंकि इसके लिए एक खास तरह का अनुशासन और हर चीज में एक खास स्तर की सटीकता चाहिए।

अगर हम आपको सिर्फ एक शारीरिक अभ्यास के रूप में क्रिया सिखाना चाहें, तो मैं इस पर एक किताब लिख सकता हूं और आप उसे पढ़ कर सीख सकते हैं। मगर यदि आप क्रिया को एक जीवंत प्रक्रिया बनाना चाहते हैं, अगर हम चाहते हैं कि क्रिया एक तरह से आपके सिस्टम में अंकित हो जाए, तो इसके लिए अनुशासन और समर्पण की जरूरत होती है।
ज्यादातर लोगों में आजकल क्रिया योग के मार्ग पर चलने के लिए उपयुक्त शरीर, मन या भावनाओं की स्थिरता नहीं होती। ऐसा इसलिए है क्योंकि बचपन से ही लोग बहुत ज्यादा आराम में रहे हैं। आराम का मतलब शारीरिक सुविधा नहीं है। किसी आरामदेह कुर्सी में बैठना कोई बाधा नहीं है। मगर आपके पूरा वजूद हमेशा आराम चाहता है – यह एक बड़ी बाधा है। अगर आप किसी ऐसी चीज पर बैठे हैं जो आरामदेह है तो उसका आनंद लीजिए – इसमें कोई समस्या नहीं है। मगर यदि आप लगातार आराम खोज रहे हैं, तो उस तरह का मन और भावना, क्रिया योग के मार्ग के लिए सही नहीं हैं। क्रिया योग को ऐसे लोगों के साथ नहीं किया जा सकता, जो लापरवाह हैं, जो लोग हर कहीं “आजादी” की बात करते हैं, “क्या मैं यह करने के लिए आजाद नहीं हूं, क्या मैं वह करने के लिए आजाद नहीं हूं, क्या मैं यह नहीं खा सकता, क्या मैं वहां नहीं सो सकता।”

अगर आप किसी को क्रिया के मार्ग पर ले जाते हैं, तो अगर मैं आपको पैर ऊपर और सिर नीचे करके सोने के लिए कहूं, तो आपको बिना कोई सवाल पूछे वैसे ही सोना चाहिए। क्योंकि वह कभी भी पूर्ण रूप से समझाया नहीं जा सकता। आप समय के साथ उसे समझ सकते हैं, मगर उसे समझाया कभी नहीं जा सकता। और अगर उसे समझाना पड़े, तो क्रिया का सार तत्व खो जाएगा। अगर लोग हर चीज के लिए मूर्खतापूर्ण तार्किक सवाल पूछना शुरू कर देंगे, तो क्रिया दी ही नहीं जा सकती।

क्रिया योग – जीवन ऊर्जा पर अंकित होना चाहिए

अगर हम आपको सिर्फ एक शारीरिक अभ्यास के रूप में क्रिया सिखाना चाहें, तो मैं इस पर एक किताब लिख सकता हूं और आप उसे पढ़ कर सीख सकते हैं। मगर यदि आप क्रिया को एक जीवंत प्रक्रिया बनाना चाहते हैं, अगर हम चाहते हैं कि क्रिया एक तरह से आपके सिस्टम में अंकित हो जाए, तो इसके लिए अनुशासन और समर्पण की जरूरत होती है। अपनी ऊर्जाओं को दूसरे व्यक्ति के लिए मुक्त करने में भरोसे की जरूरत होती है ताकि आप पूरी तरह से उसके लिए उपलब्ध हो जाएं। वह आपके साथ कुछ भी कर सकता है और शुरु में आप हैरान होने लगेंगे कि वह आपके साथ कर क्या रहा है। क्योंकि शुरू-शुरू  में क्रियाएं ऐसी हो सकती हैं कि आपको पता नहीं चलेगा कि आप आत्मज्ञान की तरफ  बढ़ रहे हैं या पागलपन की ओर। उस दौरान अपना संतुलन बनाए रखने के लिए आपको काफी विश्वास की जरूरत होती है। वरना क्रिया मुश्किल हो जाती है।

 

क्रिया योग के मार्ग पर मार्गदर्शन जरुरी है

अगर आप बहुत प्रचंडता से क्रिया के मार्ग पर चलते हैं तब भी मार्गदर्शन के बिना आपको कामयाबी हासिल करने में कुछ जीवनकाल लग जाएंगे। लेकिन कोई जीवित इंसान (गुरु) अगर आपके साथ कुछ कर सकता है, तो यह इसी जीवन में संभव हो सकता है। वरना क्रिया एक घुमावदार रास्ता है। क्रिया के मार्ग पर आप सिर्फ  आत्मज्ञान प्राप्त करने की कोशिश नहीं करते, आप जीवन की प्रक्रिया को भी जानते हैं। आप जीवन की रचना, उसके साथ क्या किया जा सकता है, इसकी प्रक्रिया को जानना चाहते हैं। इसीलिए यह एक काफी लंबी प्रक्रिया है।

जो लोग क्रिया करते हैं, अपनी ऊर्जाओं पर महारत की वजह से उनकी मौजूदगी बिल्कुल अलग तरह की होती है। वे जीवन को बिखेर कर उसे वापस समेट सकते हैं, जीवन के टुकड़े करके उसे वापस जोड़ सकते हैं।

यदि आप लगातार आराम खोज रहे हैं, तो उस तरह का मन और भावना, क्रिया योग के मार्ग के लिए सही नहीं हैं। क्रिया योग को ऐसे लोगों के साथ नहीं किया जा सकता, जो लापरवाह हैं, जो लोग हर कहीं “आजादी” की बात करते हैं।
लेकिन अगर आप सिर्फ  दूसरे तरीकों को अपनाते हैं, जैसे ज्ञान योग, तो आप तीक्ष्ण बुद्धि के होते हैं, आप अपने मन से तमाम चीजें कर सकते हैं मगर आप अपनी ऊर्जा के साथ कुछ खास नहीं कर सकते। अगर आप भक्ति मार्ग पर हैं, तो आप कुछ नहीं कर सकते और आपको उसकी परवाह भी नहीं होती। आप बस विसर्जित होना चाहते हैं, पिघलना चाहते हैं। अगर आप कर्म योग के रास्ते पर हैं, तो आप दुनिया के साथ बहुत सारी चीजें कर सकते हैं मगर अपने साथ कुछ नहीं कर सकते। मगर क्रिया योगी ऊर्जा के संबंध में अपने साथ जो चाहे, वह कर सकता है और दुनिया के साथ भी बहुत कुछ कर सकता है।

संपादक की टिप्पणी:

*कुछ योग प्रक्रियाएं जो आप कार्यक्रम में भाग ले कर सीख सकते हैं:

21 मिनट की शांभवी या सूर्य क्रिया

*सरल और असरदार ध्यान की प्रक्रियाएं जो आप घर बैठे सीख सकते हैं। ये प्रक्रियाएं निर्देशों सहित उपलब्ध है:

ईशा क्रिया परिचय, ईशा क्रिया ध्यान प्रक्रिया

नाड़ी शुद्धि, योग नमस्कार


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