FILTERS:
SORT BY:
अपराधबोध समाज द्वारा निर्मित भावना है - यह स्वयं को दिया जाने वाला एक जहर है।
जब आप अपनी यादों के दायरे में जीते हैं, तो आप उसे नहीं देख पाते जो ठीक आपके सामने है।
यदि एक ही समस्या बार-बार सामने आ रही है, तो इसका अर्थ है कि समस्या आप स्वयं हैं।
अधिकांश मनुष्य उस आंतरिक प्रतिभा को स्पर्श किए बिना ही मर जाते हैं जो उनके भीतर छिपी हुई है।
जीवनसाथी कोई मंजिल नहीं, बल्कि जीवन की यात्रा में एक सहयात्री है।
यह शरीर पृथ्वी का ही एक अंश है। एक स्वस्थ धरती के बिना खुशहाल जीवन संभव नहीं है।
इधर-उधर की बातों से केवल मूर्ख आहत होते हैं। असल में गपशप करने वाले खुद को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा रहे होते हैं।
प्रेम एक मुक्त करने वाली शक्ति है। आसक्ति उलझाती है।
आत्म-सुरक्षा की जो दीवारें आप अपने चारों ओर बनाते हैं, समय के साथ वही आपके लिए कारावास बन जाती हैं।
भरोसे का मतलब यह नहीं है कि दूसरे आपकी उम्मीदों के हिसाब से चलें। भरोसे का मतलब है पूरी जागरूकता के साथ खुद को असुरक्षित बनाए रखना।
टेक्नोलॉजी मनुष्यों की तुलना में अधिक तेजी से विकसित हो रही है। जब तक हम टेक्नोलॉजी से तेज विकसित नहीं होंगे, हम इसका विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग नहीं कर पाएंगे।
योग कोई व्यायाम नहीं है। यह जीने का एक तरीका है।