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मन बहुत ही बुरा मालिक है, लेकिन एक शानदार सेवक है। आपको इसे इसी तरह रखना चाहिए।
भक्ति का अर्थ केवल पूजा-पाठ करना नहीं है। भक्ति का अर्थ है 'मैं' के भाव को विलीन कर देना।
मातृत्व की सुंदरता संतान को जन्म देने में नहीं, बल्कि किसी दूसरे जीवन को अपने ही एक अंश के रूप में अपनाने की इच्छा में है।
अच्छाई एक बनावटी व्यवहार है। आनंद एक वास्तविक अनुभव है।
लोग इस्तेमाल किए जाने के लिए नहीं हैं। लोग प्रेम करने और साथ निभाने के लिए हैं। वस्तुएं इस्तेमाल के लिए होती हैं – लोग नहीं।
एक मनुष्य होने के नाते, तारों और ग्रहों को आपके जीवन का अनुभव तय नहीं करना चाहिए। अपने आंतरिक अनुभव को केवल आपको ही तय करना चाहिए।
शरीर और मन चमत्कारी यंत्र हैं। लेकिन इन्हें ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए, आपको इन्हें सही तरीके से संभालना सीखना होगा।
मानव जीवन केवल जीवित रहने तक सीमित नहीं है। मानव जीवन की वास्तविक शुरुआत ही तब होती है जब जीवित रहने की बुनियादी जरूरतें पूरी हो जाती हैं।
ऊपर उठें और चमकें। जब आप आनंदित और उल्लास से भरे होते हैं, तब लोग अपने-आप ही आपसे प्रेम करने लगते हैं।
योग का अर्थ है ऊर्जा के एक अटूट स्रोत से खुद को जोड़ना।
आपकी व्यस्त दिनचर्या आपको नहीं थका रही है, बल्कि अपने विचारों और भावनाओं में निरंतर उलझे रहना आपको मार रहा है।
कोई भी बाधा केवल तभी तक बाधा है जब तक आप उसके लिए तैयार नहीं हैं। जब आप जरूरी आंतरिक साधना करते हैं, तो वही बाधा आपके लिए प्रगति की सीढ़ी बन जाती है।