‘हैंड्स ऑफ ग्रेस’ – ईशा योग सेंटर में हस्तशिल्प मेला

three-ladies

9 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक ईशा योग सेंटर ‘हैंड्स ऑफ ग्रेस’ एक हस्तशिल्प मेला का आयोजन कर रहा है, जिसमें देश के हर हिस्से की पारंपरिक हस्तकलाएं शामिल की जा रही हैं। हर दिन सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक चलने वाले इस मेले में 50 हस्तशिल्प संस्थाएं फर्नीचर, इंटीरियर डेकर यानी घरों-दफ्तरों की अंदरूनी साज-सज्जा के सामान, कपड़े, ऑर्गेनिक शारीरिक प्रसाधन, पत्थर और धातु के हस्तशिल्प, सजावटी चीजें और गिफ्ट आइटम सहित हस्तशिल्प कला की हजारों नायाब चीजें उपलब्ध हैं। इसमें लोगों को देश की कला और शिल्प परंपरा की खूबसूरत झलक देखने को मिलेगी। यहां प्रदर्शित होने वाली लोकप्रिय हस्तशिल्प में शामिल हैं कश्मीरी हस्तशिल्प, मणिपुर की ब्लैक स्टोन पॉटरी, बनारसी हथकरघा, केरल की म्यूरल यानी भित्तिचित्र कला, सांझी कागज कला, घास और बांस की बुनाई के अलावा और भी कई चीजें होंगी। प्रदर्शनी में शामिल की जाने वाली कुछ कम मशहूर लेकिन बहुत सुंदर हस्तशिल्प कलाओं में हैं पश्चिम बंगाल की जानवरों की सींगों से बनी आकर्षक चीजें, उड़िसा की खूबसूरत ताड़पत्र नक्काशी, कर्नाटक के टेराकोटा से बने नायाब जेवर, और गुजरात की मोती से बनी चीजें।

लज्जतदार खाने और नाश्ते का आहार मेला

मेले में देश के हर हिस्से का जायका आपको अपनी तरफ खींचेगा। यहां लगे स्टाल्स में कश्मीरी, कराइकुडी, गुजराती और राजस्थानी जायके वाला लजीज खाना देख कर किसी के भी मुंह में पानी आ जाएगा। खाने का स्वाद और मजा ढूंढ़ने वालों के लिए तो यह एक सुनहरा मौका होगा। मनोरंजन और मौज-मस्ती के दूसरे स्टाल्स भी हैं। अपना भविष्य जानने को उत्सुक लोगों के लिए तोता-ज्योतिष के साथ-साथ फैशन-पसंद लोगों के लिए हेयर-ब्रेडिंग और मेहंदी स्टाल भी मौजूद हैं।

‘हैंड्स ऑफ ग्रेस’ का मकसद

कुदरती कच्चे पदार्थों की गहरी जानकारी रखने वाले हिंदुस्तानी दस्तकार, हस्तशिल्प की तमाम तरह की ऐसी चीजें तैयार करते हैं जिनकी खूबसूरती और डिजाइन में कोई बराबरी नहीं कर सकता। बदकिस्मती से उद्योगों के फैलने और बड़ी तादाद में चीजों के उत्पादन से कई हस्तकलाओं के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते पिछले एक सौ साल में वे लुप्त हो गए हैं।‘हैंड्स ऑफ ग्रेस’ भारत की पारंपरिक कला और शिल्प उद्योग को नया जीवन देने और आगे की पीढ़ियों के लिए एक स्थाई विरासत छोड़ने की ईशा योग केंद्र की एक कोशिश है। यह भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर में नई जान फूंकने की ईशा की एक बड़ी पहल का हिस्सा है।

और अधिक जानकारी के लिए 9443400475 पर मुरुथु से संपर्क करें। या वेबसाइट देखें: http://isha.sadhguru.org/public/events/isha-hands-of-grace.isa


संबन्धित पोस्ट


Type in below box in English and press Convert



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *