क्या आप भीतर मुड़ना चाहते हैं?

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कहा जाता है कि कुछ पाने के लिए कुछ करना पड़ता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ बहुत बड़ा पाने के लिए जरूरी है कि आप कुछ भी न करें। लेकिन कैसे?

Sadhguruसदगुरु: ये सात दिन एक अवसर देते हैं कि व्यक्ति खुद को जान सके, बल्कि खुद को खोज सके। यह एक निजी खोज है जिसमें गुरु की मदद मिलती है, ताकि व्यक्ति खुद को उस नजरिये से देख सके, जिससे उसने पहले कभी खुद को नहीं देखा था। ये अभ्यास उस दिशा में बहुत मदद करते हैं।  हम व्यक्तिगत तौर पर जो भी समझते हैं, अगर निजी प्रयोग से उसकी पुष्टि न करें, तो वह आपके भीतर एक स्थायी प्रक्रिया नहीं बन पाता है। आप अगर किसी  बौद्धिक प्रक्रिया से गुजरते हैं तो उसका आज असर हो सकता है, मगर कल आप उन्हें पूरी तरह भूल जाएंगे। उदाहरण के तौर पर अगर आप आज कोई किताब पढ़ते हैं, तो हो सकता है कि वह आज आपको बहुत अद्भुत और जीवन को बदल देने वाली लगे, मगर परसों तक आप उसे भूल जाएंगे। जब तक कि बौद्धिक ज्ञान को अनुभव से पुष्ट न किया जाए, वह जीवन को बदल देने वाली प्रक्रिया नहीं बन पाएगी।
अगर आप आज कोई किताब पढ़ते हैं, तो हो सकता है कि वह आज आपको बहुत अद्भुत और जीवन को बदल देने वाली लगे, मगर परसों तक आप उसे भूल जाएंगे। जब तक कि बौद्धिक ज्ञान को अनुभव से पुष्ट न किया जाए, वह जीवन को बदल देने वाली प्रक्रिया नहीं बन पाएगी।
इस कार्यक्रम में अभ्यासों के जरिये आप जो भी करते हैं, उसका मकसद बस आपकी ऊर्जा को इस तरह तैयार करना है, परिपक्व बनाना है, ताकि अगर आप सिर्फ बैठे हों, तो आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं रह जाती। जो भी घटित होता है, आप उसे घटित होने देते हैं। शून्य ध्यान, जो सजग निष्क्रियता की एक शक्तिशाली प्रक्रिया है, सिर्फ यही सिखाती है कि आपकी कोई भी जरूरत नहीं है। अगर आप चाहते हैं, कि आपके साथ छोटी-मोटी चीजें घटित‍ हों, तो आप उन्हें खुद से कर सकते हैं। लेकिन अगर आप चाहते हैं, कि आपके साथ वाकई कोई बहुत बड़ी, असाधारण चीज घटित हो, तो इसके लिए आपकी कोई जरूरत नहीं है। अगर आप जानते हैं कि खुद को अलग और एक ओर कैसे रखना है, तो चीजें अपने आप घटित हो जाएंगी।

‘मैं ऐसा कैसे करूं?’ आप ऐसा नहीं कर सकते, आपको बस उसे होने देना है। आप जो भी अभ्यास कर रहे हैं, उनका मकसद सिर्फ आपकी ऊर्जा को स्थिरता के उस स्तर तक लाना है, जहां आप बस मौजूद रह सकें। आप कुछ करने की कोशिश नहीं करते, कहीं पहुंचने की कोशिश नहीं करते, बस चीजों को घटित होने देते हैं।

संपादक की टिप्पणी: इनर इंजीनियरिंग और शून्य ध्यान कार्यक्रम की आगामी तिथियों और कार्यक्रम स्थलों के बारे में जानें…


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