इनर इंजीनियरिंग : जीवन को खुशहाल बनाने की तकनीक


इनर इंजीनियरिंग क्या एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है? क्या इसे करने का मतलब एक खास तरह के धर्म या पंथ से जुड़ना है? क्या है ये इनर इंजीनियरिंग और क्या पा सकते हैं आप इससे? पढ़िए और जानिए – 

“आप जीवन को इस तरह जी सकते हैं, कि दुःख आपको छू भी नहीं सकता। आप जीवन के साथ जैसे चाहे वैसे खेल सकते हैं, और फिर भी यह जीवन आपके ऊपर कोई असर नहीं छोड़ता। यही वह चमत्कार है, जिसे इनर इंजीनियरिंग हर व्यक्ति के जीवन में ला रहा है।” – सद्‌गुरु

इनर इंजीनियरिंग : एक विज्ञान जो जीवन बदल दे

इनर इंजीनियरिंग कार्यक्रम इंसान को एक उत्साह से भरपूर और संपूर्ण जीवन जीने में मदद करता है। इसके अलावा उसे अपने भीतर आत्मबोध की स्थिति तक पहुंचने का मार्ग भी मिलता है। इनर इंजीनियरिंग के और भी कई फायदे हैं।

इनर इंजीनियरिंग कार्यक्रम में सिखाया जाने वाला योग, योगिक विद्या के खजाने से चुनकर लिया गया है। यह कार्यक्रम खास तौर से आम इंसान के लिए तैयार किया गया है। इनर इंजीनियरिंग लोगों को उनके भीतरी विकास में मदद करता है। ये सभी कार्यक्रम सद्गुरु द्वारा तैयार किये गए हैं। ये कार्यक्रम एक सिद्ध योगी – सद्‌गुरु – के मार्गदर्शन में आत्म-मंथन का अनूठा अवसर है।

ईशा कार्यक्रमों में योग को उसकी पूर्ण गहराई और विस्तार के साथ सिखाया जाता है।आप इसे सीखने के साथ-साथ, अपने अंदर अनुभव भी कर सकते हैं।  यह कार्यक्रम बताता है कि आध्यात्मिक जीवन का अर्थ सांसारिक, सामाजिक, और पारिवारिक जिम्मेदारियों से भागना नहीं है। बल्कि इनको एक माध्‍यम बनाना है- खुद के विकास और आत्मबोध के लिए। इनर इंजीनियरिंग कार्यक्रम एक जीवंत प्रक्रिया है, और स्वयं को पाने का एक दुर्लभ अवसर भी है। यह कार्यक्रम पूरे योग विज्ञान के कई हिस्सों को जोड़कर बनाया गया है। इनर इंजीनियरिंग अपने काम को बेहतर ढ़ंग से से करने में आपकी मदद करता है। यह इंसान की भीतरी और बाहरी जिंदगी के बीच एक सुंदर संतुलन बनाता है। आप इनर इंजीनियरिंग करके अपनी पूर्ण योग्यता को पा सकते हैं।

ईशा फाउंडेशन द्वारा ये कार्यक्रम दुनिया भर में नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। ईशा योग कार्यक्रम हर समाज और संस्कृति को ध्यान में रखकर विशेष रूप से तैयार किए गए हैं। इन कार्यक्रमों का सबसे बड़ा लक्ष्य इंसान को भीतरी खोज के लिए साधन प्रदान करना है। आज हमारे पास बाहरी कल्याण या सुख पाने के लिए खास तरह का विज्ञान और तकनीक है। उसी तरह से भीतरी कल्याण व खुशी पैदा करने के लिए भी विज्ञान और तकनीक का पूरा तंत्र मौजूद है। इसे ही हम इनर इंजीनियरिंग कहते हैं। यह एक आसान सी प्रक्रिया है। अगर आप हर रोज 25 से 30 मिनट देने के लिए तैयार हैं, तो भीतरी संतुलन की स्थिति को आप पा सकते हैं। अगर आप हर रोज इतना समय देते हैं, तो आप देखेंगे कि आपका दिन बहुत आनंदमय हो जाएगा।

इस कार्यक्रम में आपको आपसी संवाद, ध्यान और शक्तिशाली अभ्यास कराये जाते हैं, जिसमें शांभवी महामुद्रा भी शामिल है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य लाभ कराना, मानसिक शांति में बढ़ोतरी और विचारों में स्पष्टता लाना है। यह कार्यक्रम आपके अंदर भीतरी आनंद लाता है, जिससे आपका जीवन तनावमुक्त हो जाता है। इसकी वजह से आपके काम करने की क्षमता में भी बढ़ोतरी होती है।

इनर इंजीनियरिंग करने के कई फायदे हैं। जानें इसके कुछ फायदों को:

–      यह शरीर और दिमाग को केंद्रित व तनावमुक्त करने में आपकी मदद करता है।

–      यह आपके शरीर के उर्जा स्तर को बढ़ाता है, और आपको दिन भर के काम के लिए भी ताकत देता है।

–      यह आपके भीतर एक ऐसी स्थिति पैदा करने में मदद करता है, जो बाहरी परिस्थितियों से हमेशा अछूती रहती है।

–      यह आपके रिश्तों में मजबूती और गहराई लाता है।

–      यह इंसान की नेतृत्व क्षमता को निखारता है। इसके अलावा, यह व्यक्ति के कार्यक्षेत्र, घर व समाज में अन्य लोगों के साथ उसके संबंधों को भी बेहतर बनाता है।

–      यह आपके स्वास्थ्य के लिए निरोधक के रूप मे भी काम करता है। इस कार्यक्रम से अब तक हजारों लोगों को दमा, उच्च रक्त चाप, मधुमेह, गठिया, संधिवात,स्पॉन्डिलाइसिस, मिरगी, माइग्रेन, साइनूसाइटिस, एलर्जी, मोटापा, त्वचा और आंखों के विकारों से मुक्ति दिलाने में सहायक रहा है।

–      यह दायें व बायें मस्तिष्क के बीच के मेल को बढ़ाता है।


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