FILTERS:
SORT BY:
अच्छाई एक बनावटी व्यवहार है। आनंद एक वास्तविक अनुभव है।
अगर आप ब्रह्मांड के किसी दूसरे हिस्से से पृथ्वी को देखें, तो हम सब खगोलीय जीव नजर आएंगे।
आज ही के दिन गौतम बुद्ध को यह बोध हुआ था कि सत्य के लिए कहीं जाना नहीं होता। यदि आप उपलब्ध हो जाएं, तो यह यहीं है।
अगर आप हजार साल भी जिएं, तब भी मानवीय कल्पना और आकांक्षाएं पूरी नहीं हो सकतीं। तो आइए हम असफलता में भी आनंदित रहें।
मानव जीवन केवल जीवित रहने तक सीमित नहीं है। मानव जीवन की वास्तविक शुरुआत ही तब होती है जब जीवित रहने की बुनियादी जरूरतें पूरी हो जाती हैं।
प्रेम कोई लेन-देन नहीं है। प्रेम एक सुंदर अनुभूति है जो आपके भीतर घटित होती है। यह बाहर प्रकट हो सकता है, लेकिन इसका स्रोत भीतर ही है।
किसी को खुश करने की कोशिश न करें। यदि आप वास्तव में आनंदित हैं और आपके भीतर मानवता का प्रवाह है, तो आप हर किसी के साथ सहज रहेंगे।
अपराधबोध समाज द्वारा निर्मित भावना है - यह स्वयं को दिया जाने वाला एक जहर है।
कोई भी बाधा केवल तभी तक बाधा है जब तक आप उसके लिए तैयार नहीं हैं। जब आप जरूरी आंतरिक साधना करते हैं, तो वही बाधा आपके लिए प्रगति की सीढ़ी बन जाती है।
बिना किसी स्पष्टता के लोग अत्यधिक आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। यह एक आपदा है।
जब आपका दिल प्रेम से भरा हो और आपका मन स्वयं के बोध से मुक्त हो, तो आपके पैर अपने आप थिरक उठेंगे।
जीवनसाथी कोई मंजिल नहीं, बल्कि जीवन की यात्रा में एक सहयात्री है।