धुन्ध का इंद्रजाल

पर्वतीय ओस की बूंदों का जादू

बूंदें हैं बड़ी नाजुक व लचीली,

लटकती पत्तियों की नोकों से,

त्रिन-त्रिन पर फिसलती हुई....

बूंदें - मकड़जाल पर झूलती हुई

जैसे हों दीप्तिमान हीरों का हार

इतना नाजुक हार जैसे कि हो अनश्वर..

सुन्दर इतना जैसा होता सिर्फ एक फन्दा ही;

फन्दा एक अभागे कीट के लिए,

किन्तु महल उस शानदार मकड़े का

जो बुनता है एक ब्रह्मांड, कुशलता का एक ताना-बाना

जो तय करता है ‘नियति’ उन दीन-हीन जीवों की,

जो हैं भोजन व क्रीड़ा की वस्तु

उस शानदार मकड़े की

जो करता है कुशल कारीगरी

अपनी अनेक टांगों से

उसके पंगु बनाने वाले खेल से

छलकती है उसकी तौहीनी

उन दीन-हीन द्विपादीय प्राणियों के प्रति

पंगु बनाने वाला वह खेल

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जिसमें मकड़ा अपने दश्पादों पर नाच नाच कर

बुनता है आकर्षक, आमंत्रित करता जाल

जाल – आशा व मृत्यु का

मृत्यु उनके लिए जो मृतक पर खाते हैं तरस,

जो नहीं समझते जीवन के बंधन और मृत्यु की आजादी को।

 

एक मात्र कोशिश जो करने योग्य है –

वो है मृत्यु, जिसके बाद न हो कोई पुनर्जन्‍म

ऐसी मृत्यु जो हो पूर्ण इतनी कि मुक्त कर दे

स्व-अस्तित्व की जरूरत से

जब हो जाओ तुम मुक्त , जाल बुनने की जरूरत से।

जाल बुनने वाला नहीं निकल सकता जाल से बाहर

फंसा रहता है वो भी अपने ही फंदे में।

सच है - फंदे बिना नहीं कुछ भी संभव

कार्य – पोषण – क्रीड़ा – कुछ भी नहीं,

तो बनाएं ऐसा फन्दा जो हो बना

हृदय के प्रेम, दर्द व परमानन्द के धागों से

फंदे की सज्जा न हो हीरे-जवाहरातों से

वरन परमानन्द की बूंदों से

जिन्हें महक पाएगा एक प्रेम-पूर्ण हृदय ही।

ऐसा फन्दा जो हो सराबोर जीवन-रस से इतना

कि बहा दे वह मृत्यु-भय को

जीवन का ऐसा सैलाब जो मृत्यु लांघकर

असीम को छूता हो – अभी और यहीं

ऐसा मधुर जीवन-जाल, जब तुम छोड़ो

तो जीवन-बूँदें न गिरें मृत्यु की ओर

वरन हो जाएं विलीन असीम में।

 

आंखों पर छाया धुंध बनाता है ऐसा ककून –

कि सुखदाई लगता है अंधापन -

फूल-पत्तियाँ, प्रकाश व परछाई –

सुन्दर व आकर्षक काया

इनका रूप व सौंदर्य ही है सब कुछ

धुंधली-दृष्टि पैदा करती ऐसी माया।

इस धुंध की ओट से होकर

या तो तुम जलो, झुलसो और रास्‍ता बनाओ

या 

ओ मेरे प्रिय, कर लो इतना विश्वास,

स्वहृदय में निहारो मेरी आत्‍मा को,

प्रेम से थाम लो मेरा हाथ –

बन जाओ परमानंद की फुहार

बहा ले जाएगा यही तुम्हेँ असीम अनंत में...

Love & Grace