बोलती तस्वीरें: सुना रही हैं दास्तान
इस बार के स्पॉट में सद्गुरु गुजरे वर्ष की यादों को शब्दों में नहीं, बल्कि तस्वीरों में समेटने का प्रयास कर रहे हैं और आने वाले साल की भरपूर संभावनाओं को साकार करने के लिए हमें आमंत्रित कर रहे हैं हैं और बता रहे हैं कि आने वाला साल कैसे खास होने वाला है...

इस बार के स्पॉट में सद्गुरु गुजरे वर्ष की यादों को शब्दों में नहीं, बल्कि तस्वीरों में समेटने का प्रयास कर रहे हैं और आने वाले साल की भरपूर संभावनाओं को साकार करने के लिए हमें आमंत्रित कर रहे हैं...
सर्दी की संक्राति से गुजरना और उत्तरायण की शुरुआत नए साल के शुरू होने का संकेत है। साल का यह समय हमेशा ही गुजरे हुए साल की घटनाक्रम पर नजर डालने और उसकी समीक्षा करने का होता है। 2014 ईशा में हम सभी के लिए काफी गतिविधियों से भरा रहा। कहा जाता है कि जो बात हजार शब्दों में भी नहीं कही जा सकती, उसे एक तस्वीर कह सकती है। इसलिए इस बार मैं आपके सामने अपनी बात रखने के लिए आपको शब्दों से मुक्त कर रहा हूं और 2014 की कुछ तस्वीरों आपके साथ बाँट रहा हूँ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस व अन्य चीजों के चलते 2015 को एक शानदार साल में बदलने के लिए हम लोग तैयारी कर रहे हैं, जिसमें हमें आपका भी सहयोग चाहिए। उठिए, तैयार हो जाइए, रोमांचक समय आपका इंतजार कर रहा है...
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