सम्यमा कार्यक्रम – ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना होगा
अमेरिका के टेनेसी स्थित ईशा आश्रम से लिखते हुए आज के स्पॉट में सद्गुरु बता रहे हैं कि किस तरह सम्यमा एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक अद्भुत घटना है, जो ज्यादा से ज्यादा लोगों के जीवन में घटित होनी चाहिए।

हल्के बैंगनी, सफेद और जामुनी रंगों वाले लैवेंडर के फूल वसंत का सूक्ष्म रूप हैं। टेनेसी के देहाती इलाके के पेड़, अपनी नंगी डालियों पर पत्तियों के आने की आस संजोए इंतजार कर रहे हैं।
सम्यमा को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना होगा
मैं दो महीने से भी कम समय में दूसरा सम्यमा कार्यक्रम संचालित करने जा रहा हूं। सम्यमा मेरी बहुत सारी ऊर्जा ले लेता है। उम्मीद करता हूं कि इसमें भाग लेने वाले लोगों ने इसके लिए जरुरी शुरुआती साधना अच्छी तरह से की होगी। इससे व्यक्तिगत तौर पर मेरे ऊपर बोझ कुछ कम हो जाता है। वैसे सम्यमा कोई कार्यक्रम नहीं है, यह एक अद्भुत घटना है। अगर हम काफी मात्रा में लोगों को इस अद्भुत स्थिति में रख सकें तो एक बिल्कुल नई संभावना सामने आ सकती है। हमें ऐसी तैयारी करनी होगी कि भविष्य में हम इससे कहीं ज्यादा लोगों को इस स्थिति का अनुभव लेने, जानने और वहां तक पहुंचने का मौका दे सकें। इस संभावना को साकार करने के लिए मुझे अपनी शारीरिक स्थिति को मजबूत करना होगा।
संयुक्त राष्ट्र संघ में जल दिवस मनाया
विश्व जल दिवस पर संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दो दिन बाद टोरंटो में ‘मिस्टीक आई’ कार्यक्रम शानदार तरीके से संपन्न हुआ। यह अपने आप में एक शानदार बात थी कि इस अवसर पर हमने ‘ए डिकेड ऑफ़ एक्शन’ नामक कार्यक्रम को शुरु किया, जो धरती पर लंबे समय तक बने रहने वाले जल के स्रोतों के विकास को समर्पित है। हालांकि न्यूयॉर्क में एक दिन की बर्फबारी हुई, लेकिन यहां टेनेसी में अगले दो हफ्ते में वसंत की कलियां खिलने वाली हैं और वसंत हर ओर छा जाने की तैयारी में है। पूर्णिमा की रात को सम्यता कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। मेरी कामना है कि सबको पूर्णता मिले।
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