अगर आप खुद को ध्यान से देखें तो पाएँगे कि जब आप गुस्से में होते हैं, तो आप एक ख़ास तरह से बैठते हैं, जब आप खुश होते हैं, तो दूसरे तरीके से बैठते हैं। निराश होते हैं तो अलग तरीके से बैठते हैं। आपकी चेतनता या मानसिक और भावनात्मक स्थिति जिस तरह की होती है, आपका शरीर उसके अनुसार खुद को किसी खास मुद्रा में ढालने लगता है। इसी के उल्टा आसनों का विज्ञान काम करता है। आप पूरी चेतनता में अपने शरीर को अलग-अलग आसनों में ले जाकर, अपनी चेनता को बढ़ा सकते हैं। योगासन का मतलब है शरीर की क्रियाविधि(मैकेनिक्स) को समझना, एक खास वातावरण बनाना और अपनी ऊर्जा को विशेष दिशाओं में ले जाने के लिए शरीर का इस्तेमाल करना। – सद्गुरु

योग जबर्दस्त संभावनाएं पेश करता है, लेकिन उसके लिए अनुशासन और सही तरीक़ा जरूरी है। गलत तरीके से किया जाने वाला योग आपको फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है। जो लोग बुनियादी योगासन करना चाहते हैं, वे उप योग से शुरुआत कर सकते हैं, जिसमें शुरुआत करने के लिए आसान योगासन हैं। ये आसन आपको शारीरिक और मानसिक लाभ पहुंचाते हैं।

उप योग सीखें

आपकी पसंद वाले 5 मिनट के अभ्यास आपके लिए सेहत, खुशी, शांति, प्रेम और सफलता ला सकते हैं। ये उप-योग आंतरिक खोज को बढ़ाने के लिए शक्तिशाली उपकरण भी हैं जो आज-कल की तेज़-रफ़्तार ज़िन्दगी के साथ तालमेल बिठाने में आपकी मदद करते हैं। साथ ही ये इंसान को जीवन के सभी क्षेत्रों में अपनी पूर्ण क्षमता को हासिल करने में भी मदद करते हैं। जो लोग योग के क्षेत्र में आने के लिए लगन और समर्पण का भाव रखते हैं, उनके लिए सबसे बढ़िया तरीका है - अपने पास के किसी ईशा हठ योग प्रोग्राम में शामिल होना। इन कार्यक्रमों में प्रमाणित ईशा हठ योग टीचर्स द्वारा ध्यानपूर्वक और पूरी लगन से शक्तिशाली और लाभदायक पारंपरिक योगाभ्यास सिखाए जाते हैं।

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