जब बोलचाल की भाषा बात को प्रकट करने में असमर्थ होती है, तब कविताएं साथ देतीं हैं। सद्गुरु की नवीनतम डीवीडी, पोएटिक फ्लिंग में, सद्गुरु अपनी कविताएं सुना रहे हैं और उन परिस्थितियों के बारे में भी बता रहे हैं, जिनमें इन कविताओं को रचा गया था।

सम्पादक की टिप्पणी - "पोएटिक फ्लिंग" और ईबुक "इटरनल इकोस" ईशा डाउनलोड्स से डाउनलोड करें। 

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