इनर इंजीनियरिंग पुस्तक का विमोचन लंदन में

पिछले दिनों सद्गुरु की बेस्ट सेलर किताब का विमोचन लंदन में हुआ। इस किताब का सभी को काफी लम्बे समय से इंतज़ार था। इस समारोह में सद्गुरु के योगदान को सम्मानित भी किया गया।
16 नवबंरः 13 नंवबर की शाम को सद्गुरु ने लंदन में ‘इनर इंजीनयिरिंग: ए योगी’ज गाइड टु जाॅय’ नामक अपनी नई पुस्तक का लोकापर्ण किया। यह पुस्तक लंदन के एक्सेल हाॅल में 3600 लोगों से खचाखच भरे एक हाॅल में लोकार्पित की गई।
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पश्चिमी पाठकों के लिए अपनी पहली किताब को लाॅन्च करने के लिए सद्गुरु ने पिछले ही महीने उत्तरी अमेरिका के 17 शहरों को दौरा पूरा किया। हर शहर में उत्साही दर्शकों और पूरी तरह से भरे कार्यक्रम स्थलों ने उनका ने उनका स्वागत किया। तीन हफ्ते के दौरे में लगभग 26,000 लोगों ने उनकी चर्चा व भाषण का आनंद लिया।
20 सालों से पुस्तक लाने की इच्छा थी मन में
अपनी किताब के बारे में बताते हुए सद्गुरु ने कहा कि पिछले बीस सालों से इस किताब को लाने की इच्छा उनके मन में थी। वह कहते हैं, ‘इस पुस्तक के जरिए मेरा लक्ष्य है कि खुशी को आपका स्थायी साथी बनाने में मैं आपकी मदद करूं।
ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन में संबोधन
ईशा योग के संस्थापक सद्गुरु ने 15 नवंबर को विश्व की सबसे प्रतिष्ठित वाद-विवाद करने वाली संस्थाओं में से एक आॅक्सफोर्ड यूनियन में अपना भाषण दिया, जहां उन्होंने आॅक्सफोर्ड के विद्यार्थियों, विद्वानों और पूर्व छात्रों को संबोधित किया।
यौगिक संस्कृती अज्ञान को महत्व देती है
सद्गुरु ने बताया कि क्यों ज्ञान सीमित है, और अज्ञानता असीमित। उनका कहना था, ‘योगिक संस्कृति अज्ञानता का महत्व देती है और अगर कोई खुद को अज्ञानी के तौर पर पहचानता है तो वह स्वाभाविक तौर पर जिज्ञासु होगा, क्योंकि वह जानना चाहेगा। जबकि खुद के द्वारा ज्ञानी के तौर पहचाना जाने वाला इंसान क्रूर या अत्याचारी हो उठता है।’
16 नवंबर को लंदन के लाॅर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में इंडो यूरोपियन बिजनेस द्वारा आयोजित ग्लोबल बिजनेस मीट में सद्गुरु को मानवता के प्रति अमूल्य योगदान के तौर पर दुनियाभर में लाखों लोगों तक योग विज्ञान को पहंचाने के लिए ‘इंडो यूरोपियन बिजनेस फोरम एक्सिलेंस अवाॅर्ड’ से सम्मानित किया गया। समारोह में प्रमुख अतिथि हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री राम बिलास शर्मा थे।