भैरवी साधना

भक्ति की मिठास का अनुभव करें

दीक्षा 11, 18, 21, 25, और 29 जनवरी को

जब आप खुद को खाली कर देते हैं, तब देवी के पास आपकी मदद करने के अलावा कोई चारा नहीं रहता। और, अगर देवी आपके साथ हैं, तो मेरे पास भी कोई चारा नहीं है (सिवाय इसके कि मैं भी आपका साथ दूं)। - सद्‌गुरु

भैरवी साधना क्या है?

एक सरल लेकिन शक्तिशाली प्रक्रिया जिसके माध्यम से आप लिंग भैरवी की कृपा के प्रति ग्रहणशील बन सकते हैं और अपने भीतर की भक्ति को उजागर कर सकते हैं।

इस साधना की शुरुआत, उत्तरायण के शुरूआती दिनों के दौरान होती है, जब धरती से देखने पर सूर्य आकाश में उत्तर की ओर जाता दिखाई देता है। यह समय आध्यात्मिक ग्रहणशीलता के लिए मददगार होता है।

भैरवी साधना क्यों?

किसी व्यक्ति की आकांक्षा चाहे जो भी हो - स्वास्थ्य, धन, ज्ञान या आत्मज्ञान - देवी इन सभी चीज़ों की और कई दूसरी चीज़ों की परम दाता हैं।

  • देवी की कृपा के प्रति अपनी ग्रहणशीलता बढ़ाएं।

  • देवी के साथ अपने संबंध को गहरा करने के लिए कुछ ख़ास प्रक्रियाओं और अनुशासन की दीक्षा लें।

  • भक्तों को पवित्र चढ़ावे बनाना सिखया जाएगा। ये चढ़ावे खुद को भक्ति में अर्पित करने का प्रतीक हैं।

हिस्सा कैसे लें:

चरण 1:

साधना के लिए रजिस्टर करें। रजिस्टर करने के बाद, वीडियो सत्र देखने के लिए एक लिंक साझा किया जाएगा।

चरण 2:

दीक्षा के दिन से पहले दीक्षा ओरिएंटेशन वीडियो देखें। (रजिस्ट्रेशन करने के बाद यह आपको ईमेल द्वारा भेजा जाएगा।)

चरण 3:

 11, 18, 21, 25, या 29 जनवरी 2026  को ऑनलाइन दीक्षा सत्र में भाग लें। (सत्र का समय और वेब लिंक आपको ईमेल के माध्यम से भेजा जाएगा।)

चरण 4:

जो अवधि आपको बताई जाती है, उतने समय तक दिशा-निर्देशों के अनुसार साधना करें।

चरण 5:

समापन के दिन से पहले समापन ओरिएंटेशन वीडियो देखें। (रजिस्टर करने के बाद यह आपको ईमेल द्वारा भेजा जाएगा।)

चरण 6:

आप समापन सत्र में ऑनलाइन, या ईशा योग केंद्र, या दूसरे देवी स्थलों में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो सकते हैं। इसकी तारीखें हैं - 1 फरवरी (महिलाएं), 16 फरवरी (पुरुष)।

**रजिस्टर करने के बाद और अधिक जानकारी साझा की जाएगी।

7 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए खुला है।

दीक्षा - केवल ऑनलाइन

समापन - ऑनलाइन या देवी स्थलों में व्यक्तिगत रूप से

महिलाओं के लिए समापन: 1 फरवरी 2026 (थाईपुसम)

पुरुषों के लिए समापन: 16 फरवरी 2026 (थाईपुसम के बाद वाली अमावस्या)

*थाईपुसम, चंद्र कैलेंडर के थाई महीने में पूर्णिमा का दिन होता है।

आपकी साधना के लिए ज़रूरी वस्तुएँ:

आपकी साधना के लिए ज़रूरी वस्तुएँ:

  • देवी फोटो

  • अभय सूत्र

  • कुमकुम

  • देवी स्तुति

आपको देवी पेंडेंट (मौजूदा या नया) पहनना होगा। अगर आपको यह खरीदना है, तो इसे [ईशा लाइफ] से खरीदा जा सकता है।

दीक्षा के दिन से पहले इन सभी वस्तुओं को तैयार करना ज़रूरी है। इनका उपयोग कैसे करें, इसकी जानकारी दीक्षा के दिन आपके साथ साझा की जाएगी।

साधना अवधि के दौरान पालन करने के लिए दिशानिर्देश:

दीक्षा सत्र के दौरान विस्तार में  निर्देश दिए जाएंगे। हालाँकि, साधना के दौरान कुछ ध्यान रखने योग्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • [हर्बल बाथिंग पाउडर] से दिन में दो बार नहाना (रासायनिक उत्पादों का इस्तेमाल न करें)

  • साधना की अवधि के दौरान, सिगरेट, शराब और मांसाहारी भोजन का सेवन बिलकुल न करें।

  • एक दिन में केवल 2 भोजन। पहला भोजन दोपहर 12 बजे के बाद करें।

  • सफेद या हल्के रंग के वस्त्र ही पहनें।

मेरी साधना के दौरान ऐसा एक भी दिन नहीं था जब मैंने देवी का नाम नहीं लिया हो। उनकी अनंत करुणा ने मुझे इस तरह से विनम्र किया जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। जिस तरह से वो मेरे जीवन में अपना जादू चलाती है वो किसी चमत्कार से कम नहीं है। मैं कामना करती हूं कि उनकी आग कई अन्य लोगों के जीवन को भी रोशन कर सके।

- -अक्षा, दिल्ली

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्पर्क की जानकारी

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ईमेल: lb.events@lingabhairavi.org

फोन: +91-83000 83111

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