रजिस्ट्रेशन कर चुकें हैं?

एक ऑनलाइन कार्यक्रम, जो ऐसे साधन भेंट करता है जिनसे आप अपने शरीर, मन, भावनाओं और ऊर्जाओं की बागडोर अपने हाथ में ले सकते हैं, और एक आनंदमय व सम्पूर्ण जीवन जी सकते हैं।

इनर इंजीनियरिंग अब नए स्वरूप में!

नया क्या है?

  • सद्‌गुरु के कुछ नए वीडियो

  • एक दिलचस्प अनुभव के लिए कई नए दृश्य और बातचीत के तत्वों का भरपूर समावेश

  • मोबाइल डिवाइस के अनुकूल, अपने दैनिक जीवन में इनर इंजीनियरिंग साधनों को शामिल करने में आपकी मदद करने के लिए नोटिफिकेशन और रिमाइंडर भेजने की सुविधा

इस कार्यक्रम में अब इनर इंजीनियरिंग ऑनलाइन के सभी पहलुओं को शामिल कर लिया गया है, जिसमें 21 मिनट की शक्तिशाली शांभवी महामुद्रा क्रिया की दीक्षा भी शामिल है।

चूंकि आप इनर इंजीनियरिंग ऑनलाइन के लिए पहले से ही रजिस्टर्ड हैं, इसलिए:

  • आपके पास ये अवसर है, कि आप कम शुल्क पर कार्यक्रम के इस नए स्वरूप के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। शुल्क देखने के लिए कृपया नीचे दिए गए फॉर्म में अपना विवरण भरें।

  • आप अपनी इनर इंजीनियरिंग यात्रा को वहीं से निर्बाध रूप से जारी रख सकते हैं जहां से आपने छोड़ा था। उदाहरण के लिए, अगर आपने कार्यक्रम के पिछले स्वरुप में सत्र 2 तक पूरा कर लिया था, तो इस नए स्वरूप में आप चरण 3 से शुरू कर सकते हैं।

अगर आप पहले ही शांभवी महामुद्रा क्रिया में दीक्षित हो चुके हैं, लेकिन दोबारा कार्यक्रम में शामिल होना चाहते है, तो आपके पास कम शुल्क पर कार्यक्रम के लिए फिर से रजिस्ट्रेशन करने का विकल्प भी है।

कार्यक्रम की संरचना

कुल अवधि: - 25 घंटे
या
जहां से आपने छोड़ा था उससे आगे बढ़ें

पहले 6 चरण अपनी सुविधानुसार किये जा सकते हैं

पहला चरण

समझें जीवन के नट -बोल्ट

"मानव शरीर इस धरती पर मौजूद सबसे जटिल उपकरण है, लेकिन आपने इसका यूज़र मैनुअल नहीं पढ़ा है? आइए इस पर गौर करें।" - सद्‌गुरु

दूसरा चरण

एकमात्र बंधन

"अपनी इच्छाओं को खुला छोड़ दें ; उन्हें सीमित चीजों तक सीमित न रखें। इच्छाओं की असीमितता में ही आपकी परम प्रकृति है।" - सद्‌गुरु

तीसरा चरण

जिएं और पूरी तरह से जिएं

"आप जो हैं, केवल उसके निर्बाध विस्तार में ही जीवन आपको पूरी तरह से जीने देता है। जीवन को पूर्णता में या पूरी तरह से जीना ही एकमात्र तृप्ति है जिसे आपके भीतर का जीवन जान सकता है।" - सद्‌गुरु

चौथा चरण

आप वो नहीं हैं जो आप सोचते हैं

"आप अपने जीवन के हर एक पल को पूरी इच्छा से जीकर उसे स्वर्ग बना सकते हैं। बिना इच्छा के किया गया कोई भी काम निश्चित रूप से नरक है।"- सद्गुरु

पांचवां चरण

मन - एक चमत्कार

"ज़्यादातर लोग अपने मन को कन्ट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि आप अपने मन को आज़ाद करके उसे अपनी सर्वोच्च संभावना तक जाने दें।"

छठा चरण

जो चाहो रच लो

"आपका स्वास्थ्य और आपकी बीमारियाँ, आपकी खुशी और आपका दुख, सब आपके भीतर से आते हैं। अगर आप खुशहाली चाहते हैं, तो यही वक्‍त है अन्दर मुड़ने का।" - सद्‌गुरु

सातवां चरण कुछ खास तारीखों पर लाइव भेंट किया जाएगा

सातवां चरण

शाम्भवी महामुद्रा क्रिया की दीक्षा

"शाम्भवी महामुद्रा क्रिया, सृष्टि के स्रोत तक पहुंचने का एक साधन है। रूपांतरण तभी होता है जब आप अपने अंतरतम को छूते हैं" - सद्‌गुरु

शाम्भवी महामुद्रा क्रिया के बारे में सद्‌गुरु

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए

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