जाने माने Heart Surgeon डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी ने सद्गुरु के साथ अपना Medical College का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें मर्तिअल आर्ट सिखाने का बड़ा शौक था और उन्होंने हमेशा पाया कि वे बच्चे जो उन्हें प्रतिभाशाली लगते थे, वे अक्सर कुछ ही दिनों में क्लास छोड़ दिया करते थे। जो बच्चे उस कला में महारथ हासिल कर पाते थे, उनमें अक्सर कोई प्रतिभा नहीं होती थी और उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ती थी। इस पर सद्गुरु ने प्रतिभा हासिल करने के विज्ञान को विस्तार से समझाया.
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