खुशी और खुशहाली का आधार जीवन ऊर्जा का उमंग की स्थिति में होना है। सद्गुरु बताते हैं कि डिप्रेशन का मतलब है जीवन ऊर्जा में उमंग की कमी, जबकि खुशी का मतलब है उमंग से भरपूर जीवन की ऊर्जा। हम सभी खुशी का अनुभव करते हैं, लेकिन मुद्दे तब उठते हैं जब लोग अपनी खुशी को बनाए रखने में असमर्थ होते हैं।
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