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यवतमाल की वाघारी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार का नदी अभियान को समर्थन

मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के साथ वित्त एवं वन मंत्री श्री सुधीर मुनगंटीवार ने 8 अगस्त 2018 को सद्‌गुरु से मुलाकात की, और यवतमाल में वाघारी नदी को पुनर्जीवित करने की विस्तृत प्रोजेक्ट योजना पर सैद्धांतिक समझौता किया। मुंबई के राजभवन में बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री विद्यासागर राव ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के सचिव भी उपस्थित थे।

यह परियोजना समुदायिक सूक्ष्म सिंचाई, वृक्ष आधारित खेती, किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.), बाज़ार विकास, और फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों की उन्नति पर केंद्रित होगी। इसका उद्देश्य किसानों की बाज़ार तक पहुंच बढ़ाना, फसल के मूल्य में वृद्धि करना, और साथ ही खेती की लागत में कमी लाना है। मूल्यवर्धित उद्योगों से रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। अगले पांच वर्षों में लागू होने वाली यह परियोजना, किसानों, भूमि हीन मजदूरों और वनवासी समुदायों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करेगी, और जल-तनाव वाले क्षेत्रों में जल निकायों को भी बहाल करेगी।

वाघारी – गोदावरी नदी की एक सहायक नदी है और यवतमाल जिले से होते हुए बहती है, जहां पिछले कुछ दशकों से किसानों का संकट गंभीर रहा है। किसानों को पानी की कमी, बंजर भूमि और फसल की विफलता का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से कई आत्महत्याएं हुईं हैं। परियोजना का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन क्षेत्र के किसानों की किस्मत बदल सकता है, और महाराष्ट्र और पूरे भारत में कृषि प्रथाओं में क्रांतिकारी बदलाव का पहला कदम बन सकता है।

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