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Yaksha 2021Archives

श्री संदीप नारायण, कर्नाटक गायन

हिंदुस्तानी, श्रीमती कौशिकी चक्रवर्ती

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यक्ष – संगीत और नृत्य का उत्सव

8-10 मार्च, 2021 (महाशिवरात्रि से पहले) ईशा योग केंद्र में

भारत के विभिन्न कला रूप जो हजारों वर्षों के दौरान विकसित हुए हैं, न केवल इस भूमि की विविध संस्कृति का प्रतिबिंब हैं, बल्कि आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत भी हैं। उन्होंने कई पीढ़ियों से इस राष्ट्र को समृद्ध किया है, लेकिन आज हम उन्हें बहुत तेज़ी भूलते जा रहे हैं। ईशा फाउंडेशन हमेशा से देश की ललित कलाओें की विशेषता और शुद्धता को बनाए रखने और उनकी विविधता को प्रोत्साहित करने की कोशिश करती रही है। इसी कोशिश के तहत, ईशा योग केन्द्र में हर साल संगीत और नृत्य के तीन-दिवसीय उत्सव ‘यक्ष’ का आयोजन किया जाता है, जिसमें कई जाने-माने कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। यक्ष कला प्रेमियों को इन विविध संगीत और नृत्य कलाओं की बारीकी और जीवंतता को देखने, समझने और उनका रस लेने का अवसर भी देता है।

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2021 संगीत प्रदर्शन

इस वर्ष, यक्ष 8-10 मार्च के बीच होगा। सभी प्रदर्शनों को निःशुल्क लाइवस्ट्रीम किया जाएगा।

पहला दिन – 8 मार्च 2021

श्रीमती कौशिकी चक्रवर्ती

हिंदुस्तानी

श्रीमती कौशिकी चक्रवर्ती एक भारतीय शास्त्रीय गायक हैं। संगीत अनुसंधान अकादमी में तैयार, वह पटियाला घराने की प्रशंसित प्रतिपादक हैं और उनके प्रदर्शनों की सूची में खयाल और अर्ध-शास्त्रीय ठुमरी शामिल हैं। वह एशिया-प्रशांत श्रेणी में विश्व संगीत के लिए 2005 बीबीसी रेडियो 3 अवार्ड्स की प्राप्तकर्ता हैं।

दूसरा दिन – 9 मार्च 2021

श्री संदीप नारायण

कर्नाटक गायन

संदीप नारायण आज कर्नाटक संगीत में सबसे अधिक मांग वाले गायक हैं। वे पहले ऐसे संगीतकार हैं, जिनका जन्म तो अमेरिका में हुआ, पर जो एक पूर्णकालिक कैरियर के रूप में कर्नाटक संगीत सीखने के लिए भारत आए। संदीप सीमाओं को तोड़ रहे हैं और कई महत्वाकांक्षी संगीतकारों के लिए एक रोल मॉडल होने पर उन्हें गर्व है। वह संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार, और कला रत्न और युवा पुरंदरा पुरस्कार सहित कई पुरस्कारों के प्राप्तकर्ता हैं।

तीसरा दिन – 10 मार्च 2021

ईशा संस्कृति

भरतनाट्यम

ईशा संस्कृति को सद्गुरु द्वारा स्थापित किया गया था और इसे बच्चों को भेंट के रूप में दिया गया था। यह बच्चों को अपने भीतर और अपने आसपास की दुनिया के साथ तालमेल स्थापित करने के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है।

यौगिक अभ्यास, भरतनाट्यम, शास्त्रीय संगीत और मार्शल आर्ट कलरीपयट्टू, जैसी भारतीय शास्त्रीय कलाओं का एक अनूठा मिश्रण बच्चे के शरीर और मन में संतुलन और स्थिरता लाता है। इन जटिल कला रूपों का उपयोग हजारों वर्षों से किया जा रहा है – मनोरंजन या शौक के रूप में नहीं, बल्कि आध्यात्मिक प्रक्रिया के रूप में। संस्कृत – जो कि आध्यात्मिक महत्व के कारण एक अद्वितीय भाषा है -उनकी सीखने की प्रक्रिया का एक प्रमुख हिस्सा है। यहाँ पर बच्चे अंग्रेजी और बुनियादी गणित का भी अध्ययन करते हैं।

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यक्ष 2020 की प्रस्तुतियां

Hyderabad Brothers, Carnatic Classical Vocals

Kala Ramnath, Hindustani Classical Violin

यक्ष 2019 की प्रस्तुतियां

Kalapini Komkali, Hindustani Vocal Performance