• All
  • शिव के बारे में
  • आध्यात्मिकता और रहस्यवाद
  • शिव स्तोत्रम्
  • शिव की कथाएँ
Loading
  • Shiva Destroyer

    शिव विनाशक क्यों हैं?

    लोग आम तौर पर रक्षा और खुशहाली के लिए ईश्वर के पास जाते हैं, लेकिन यौगिक संस्कृति में शिव को विनाशकर्ता के रूप में पूजा जाता है। इस अजीब नज़रिये के पीछे की समझदारी का पता लगाते हैं। Goto page
  • पूर्ण तपस्वी और गृहस्थ शिव

    आदियोगी शिव एक घोर तपस्वी थे, पर वे एक गृहस्थ बन गए। वे पार्वती से विवाह करके गृहस्थ इसलिए बनें क्योंकि वे योग ज्ञान को दुनिया के साथ बांटना चाहते थे। Goto page
  • Shiva_Parvathi-making-Ganesha

    शिव, गणेश और पार्वती – गणेश के जन्म की कथा

    सद्गुरु कहानी सुना रहे हैं कि किस तरह शिव ने गणेश का सिर काट दिया और बता रहे हैं कि लोकप्रिय धारणा के विपरीत, उनके सिर के बदले हाथी का नहीं, बल्कि शिव के विचित्र साथियों, जिन्हें गण के नाम से जाना जाता था, उनके सरदार का सिर लगाया गया था। Goto page
  • महादेव की कहानी

    जानिए कि आदियोगी शिव को महादेव या सभी देवताओं में सबसे महान के रूप में क्यों जाना जाता है। Goto page
  • Shiva Ganga

    शिव और गंगा की कथा और उसका अर्थ

    सद्गुरु शिव की जटाओं से गंगा के निकलने की कथा बता रहे हैं और समझा रहे हैं कि यह कहानी प्रतीक के माध्यम से क्या कहने की कोशिश कर रही है। Goto page
  • Shiva Bluethroat

    नीलकंठ की कथा

    आदियोगी शिव के कई नामों में से एक नीलकंठ है, या जिसका कंठ नीले रंग का हो। सद्गुरु शिव के नीले कंठ के प्रतीक को समझा रहे हैं। Goto page
  • shiv and vishnu

    विष्णु भगवान की कथाएं

    यहाँ शिव और विष्णु के बारे में पौराणिक कथाओं से तीन दिलचस्प कहानियाँ पेश हैं: जब शिव का घर विष्णु ने ले लिया, जब विष्णु ने शिव को मुश्किल से बचाया और अंत में, विष्णु की शिव भक्ति की एक दिल को छू लेने वाली कहानी। Goto page
  • शिव – परम विध्वंसक ई-बुक

    जानें शिव के अनेक आयाम, और साथ ही ये कि शिव को परम विध्वंसक क्यों कहा जाता है। Goto page
  • Shiv - The Adiyogi illustration

    शिव कौन हैं – ईश्वर, पुरुष या पौराणिक कथा?

    शिव कौन हैं? क्या वे भगवान हैं? या बस एक पौराणिक कथा? या फिर शिव का कोई गहरा अर्थ है, जो केवल उन्हीं के लिए उपलब्ध है जो खोज रहे हैं? भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति के सबसे अहम देव, महादेव शिव, के बारे में कई गाथाएँ और दंतकथाएं सुनने को मिलती हैं। क्या वे भगवान हैं या केवल हिन्दू संस्कृति की कल्पना हैं? या फिर शिव का एक गहरा अर्थ है, जो केवल उन्हीं के लिए उपलब्ध है जो सत्य की खोज में हैं? Goto page
  • natraj image

    नटराज – नर्तक शिव की कहानी

    भारत ही ऐसा एकमात्र स्थान है जहाँ हमारे भगवानों को नृत्य करना ज़रूरी है। अगर वे नृत्य नहीं कर सकते तो वे भगवान नहीं हैं! Goto page
  • शिव के दस रूपों का विवरण

    सद्गुरु योग विद्या के नजरिये से शिव के 10 रुपों को देखते हैं और समझाते हैं कि उनमें से हरेक का क्या अर्थ है। जानें गतिशील नटराज, भयावह कालभैरव, शिशु- समान भोलेनाथ और कई के बारे में! Goto page
  • शिव अवतार

    शिव के असंख्य रूप हैं, जो हर उस संभव विशेषता को समाहित करते हैं- परंतु इन सबके बीच, इनके पाँच बुनियादी रूप हैं। Goto page
  • शिव के सर्वोत्तम होने के 5 कारण

    शिव के प्रशंसक बालक, युवा, गृहस्थ अथवा संन्यासी सभी हैं। क्या है जो शिव को इतना आकर्षक बनाता है? यहाँ पाँच कारण प्रस्तुत हैं। Goto page
  • आदियोगी- प्रथम योगी

    इस लेख में सद्गुरु हमें पहले योगी आदियोगी के बारे में गहराई से समझा रहे हैं, और आदियोगी शिव की एक सुंदर छवि प्रस्तुत कर रहे हैं। वे बता रहे हैं कि आदियोगी शिव ने ही मानवता को योग का विज्ञान सिखाया था। Goto page
  • योग के आदि गुरु कौन है - आदियोगी शिव

    आदियोगी शिव और योग का इतिहास

    पन्द्रह हज़ार साल से भी कुछ समय पहले, पहले योगी, आदियोगी, ने सप्त ऋषियों को योग विज्ञान में दीक्षित किया। Goto page
  • आदियोगी – पहले योगी : जो एक मनुष्य से कहीं ज़्यादा थे

    योग में, शिव को देव नहीं, आदियोगी, पहले योगी व आदि गुरु यानी पहले गुरु के रूप में देखा जाता है। सद्गुरु मानवता के प्रति आदियोगी के योगदान के बारे में बता रहे हैं। वे शिव के महत्व की चर्चा करते हुए, इस बात पर जोर दे रहे हैं कि पूरे संसार में लोग उनके महत्व को जानें। Goto page
  • adiyogi-an-iconic-presence

    आदियोगी – एक प्रतिष्ठित मौजूदगी

    इस हफ्ते के स्पॉट में सद्गुरु आने वाले दिनों में लगने वाली 112 फीट की आदियोगी की मूर्ति के पीछे की सोच, और उसकी जरुरत के बारे में बता रहे हैं और समझा रहे हैं कि कैसे हम आने वाली पीढ़ी को एक बेहतर दुनिया दे सकते हैंः Goto page
  • Guru-Purnima_-When-the-First-Guru-was-Born-

    गुरु पूर्णिमा: जब प्रथम गुरु का जन्म हुआ था

    सद्गुरु गुरुपूर्णिमा का महत्व समजाते हुए कहते है के इस दिन आदियोगी, पहले योगी , एक गुरु बने , और सभी सीमाओं से परे खुद को विकसित करने के लिए योग- विज्ञान की तकनीको को पहेली बार सप्तऋषि को प्रदान किया | Goto page
  • 10 मिनट से कम समय में लिखी गई 7 कविताएं

    एक दिन सद्गुरु कुछ व्यक्त करना चाहते थे, और यह 7 कवितायेँ उन्होंने 10 मिनट से भी कम समय में लिखीं थीं। Goto page
  • Mahashivratri-Wallpapers-Adiyogi-Sitting

    आदि योगी – सद्गुरु की कविता

    सद्‌गुरु अपनी कविता साझा कर रहे हैं, और आदियोगी शिव की रूपांतरण करने वाली शक्ति के बारे में बता रहे हैं। Goto page
  • योग का जन्म कैसे हुआ?

    सद्गुरु यह बता रहे हैं कि पहले गुरु, आदियोगी शिव, ने 15,000 साल पूर्व इंसानी तंत्र कैसे काम करता है यह पता लगाया, और अपने पहले सात शिष्यों (सप्तऋषि) को पहली बार योग विज्ञान प्रदान किया। Goto page
  • Adiyogi-Chronicles-Adiyogi-with-Saptarishis-_-Sadhguru-2

    आदियोगी शिव का इतिहास – सप्तऋषियों के साथ आदियोगी

    आदियोगी शिव का इतिहास बताते हुए सद्गुरु सप्तऋषियों के साथ उनके संबंध को उजागर करते हैं। Goto page
  • आदियोगी शिव का इतिहास – गुरु दक्षिणा का अर्पण

    लेकिन उनके जाने से पहले, आदियोगी शिव ने उनसे गुरु दक्षिणा मांगी। आईए देखें, कि फिर क्या हुआ... Goto page
  • शिव का मार्ग या बुद्ध का मार्ग?

    आदियोगी शिव और बुद्ध के मार्ग में क्या अंतर है? सद्गुरु जवाब देते हुए कहते हैं कि बात दोनों मार्गों के अंतर की नहीं है, बल्कि बात यह है कि शिव के बताए मार्गों का कौन सा पहलू है जिस पर बुद्ध ने काम किया। Goto page
  • काल भैरव – शिव ने क्यों धारण किया ये प्रचंड रूप?

    कालभैरव, आदियोगी शिव का एक जबरदस्त रूप है। वे मृत्यु के पल में "भैरवी यातना" पैदा करते हैं Goto page