सिंगापुर से एक पाती
इस हफ्ते के स्पॉट में सद्‌गुरु ने सिंगापूर से एक चिट्ठी भेजी है जिसमें वह ‘मिस्टिक आई’ प्रोग्राम और ‘द थ्री ट्रुथ ऑफ वेलबीइंग’ किताब के लोकापर्ण के बारे में बता रहे हैं। सद्‌गुरु 'मकर संक्रांति' के बारे में …
 
 
 
 

संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर गया। यह इस बात को दर्शाता है कि ठिठुरन और आलस्य से भरा वह मार्गशीष माह अब खत्म हो चुका है, जिसमें जिदंगी का स्पंदन बेहद धीमा हो जाता है। इसी के साथ उष्णकटिबंधीय इलाकों में वसंत के आगमन की शुरुआत मानी गई है। इस संक्रांति का साल की बाकी संक्रातियों से काफी अलग महत्व है। दरअसल, यह सूर्य के ध्रुवीय बदलाव की संपूर्णता को भी रेखांकित करती है। इस नए सौर चक्र का मतलब कई मायनों में एक शुरुआत से है।

इन घटनाओं का मानवीय शरीर और चेतना पर एक खास प्रभाव होता है। शारीरिक तौर पर हम जितना ज्यादा से ज्यादा समय बाहर खुले में बिताएं, वो हमारी सेहत के लिए अच्छा है। दरअसल, यह वो बेहतरीन समय है, जिसमें शरीर जितना ज्यादा बाहर का ताजगी को ग्रहण कर अपने भीतर बदलाव लाता है, उतना ही हमारे शरीर में उर्जा की मात्रा और कल्याण की संभावना बढ़ती है।

आध्यात्मिकता की ओर अग्रसरित लोगों खासकर ईशा साधकों के लिए आने वाले महीने अपना सर्वश्रेष्ठ लक्ष्य पाने का खास अवसर हो सकते हैं। आने वाले समय में मैं इसके पीछे की वजह आपको विस्तार से बताउंगा।

यह समय सूर्य से जुड़ी क्रियाओं और साधना मसलन सूर्य क्रिया व कपालभाति का सर्वाधिक फायदा लेने के लिए बेहद मुफीद है। साथ ही यह समय उष्मा या गर्मी देने वाले खाद्य पदार्थों जैसे तिल और चने (कुलथी) को खाने का भी बेहतरीन समय है। शरीर की सर्दी से जुड़े रोगों से निपटने की सर्वश्रेष्ठ क्षमता इसी दौरान होती है। दमा से जूझ रहे रोगियों को भी अब आराम आने लगता है।

आध्यात्मिकता की ओर अग्रसरित लोगों खासकर ईशा साधकों के लिए आने वाले महीने अपना सर्वश्रेष्ठ लक्ष्य पाने का खास अवसर हो सकते हैं। आने वाले समय में मैं इसके पीछे की वजह आपको विस्तार से बताउंगा।

मैं अभी भी सिंगापुर में हूं। हाल ही में ‘मिस्टिक आई’ का पूरे दिन चलने वाला एक आयोजन हुआ था, जिसमें दो हजार लोगों ने हिस्सा लिया। उत्साह से भरे, लेकिन अनुशासित लोगों वाला आयोजन काफी अच्छा रहा। यहां हमने रिट्ज कार्लटन में आयोजित एक खास अवसर पर ‘द थ्री ट्रुथ ऑफ वेलबीइंग’ किताब का लोकापर्ण भी किया, जिसमें परेश माइती और डीबीएस बैंक के सीईओ पीयूष गुप्ता खास मेहमान थे।

जंबू द्वीप की तरफ निकलने वाला हूं...

Love & Grace

 
 
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