मेरी मुस्कान
 
 
 
 

सद्‌गुरुइस बार के स्पॉट में सद्‌गुरु ईशा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनर साइंसेज से एक कविता भेज रहे हैं। साथ ही वे बर्फीले गोल्फ कोर्स से एक छोटा वीडियो भेज रहे हैं - जिसमें वे पट कर रहे हैं।

मेरी मुस्कान

गिरती है बर्फ, बन जाते हैं ढेर
जम जाता है पानी, ठहर जाता है जीवन

निकलता हूं मैं बाहर तब
देखने को जीवन चल रहा है कैसे
बिना गर्म कमरों और बिना गर्म कपड़ों के

ठीक था सब कुछ, बस
थी थोड़ी सावधानी अभिव्यक्ति में

महसूस होती है एक सिहरन
शरीर के एक पोर से दूसरे पोर तक
तभी फैल जाती है एक मुस्कुराहट
म्रेरे चेहरे पर

क्योंकि मेरी मुस्कुराहट ऐसी है
जिसे जमा नहीं सकता बर्फिला मौसम

इसे मिटाने के लिए आपको
जलाना होगा इसे चिता पर ही।

Love & Grace

एक छोटा सा वीडियो जिसमें सद्‌गुरु बर्फीले गोल्फ कोर्स पर गोल्फ खेल रहे हैं -

 

 
 
  0 Comments
 
 
Login / to join the conversation1