आंध्र-प्रदेश : एक नया इतिहास रचने को तैयार
हाल ही में हैदराबाद में ईशा योग का इनर इंजीनियरिंग कार्यक्रम हुआ जिसमे आंध्र-प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित राज्य के तमाम मंत्रियों और वहां के आला अधिकारियों ने ईशा इंजीनियरिंग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस ऐतिहासिक कदम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सद्गुरु इस बार के स्पॉट में बता रहे हैं कि कैसे आंध्र-प्रदेश एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है।
 
 
 
 

सद्गुरुहाल ही में हैदराबाद में ईशा योग का इनर इंजीनियरिंग कार्यक्रम हुआ जिसमे आंध्र-प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित राज्य के तमाम मंत्रियों और वहां के आला अधिकारियों ने ईशा  इनर इंजीनियरिंग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस ऐतिहासिक कदम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सद्‌गुरु इस बार के स्पॉट में बता रहे हैं कि कैसे आंध्र-प्रदेश एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है।

आंध्र-प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ व सबसे खुशहाल राज्य बनाने के लिए जो विजन है उसकी यह एक तरह से बुनियाद है। यह वाकई अच्छी बात है कि अब हमारे सामने जो राजनैतिक नेतृत्व आगे आ रहा है वह न सिर्फ अपने ज़िम्मेदारियों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक है बल्कि जनता की भलाई को लेकर फिक्रमंद भी है।

सद्‌गुरु:

अभी हाल ही में हैदराबाद से लौटा हूं, जहां आंध्र-प्रदेश के प्रशासन के लिए हमने तीन दिन के ईशा इनर इंजीनियरिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। यह सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि शायद दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ होगा कि मुख्यमंत्री सहित पूरे प्रशासन ने अपने भीतर विकास की ओर मुड़ने की कोशिश की। इस कार्यक्रम में सरकार के सबसे ऊंचे पदों पर बैठे अफसर भी मौजूद थे।

इस कार्यक्रम में कुल 300 लोग शामिल हुए जिसमें कैबिनेट मंत्री,आइएएस,आईपीएस,आइएफएस अफसरों के साथ-साथ मेयर्स व उनके परिवार के लोग भी शामिल थे। मुझे नहीं लगता कि ऐसा इससे पहले कहीं हुआ होगा। हालांकि इस कार्यक्रम के शुरू में लोग थोड़े से संदेह से भरे व खुद में थोड़े सिमटे से जरुर थे, लेकिन आखिरी दिन आते-आते वे सब पूरी तरह से इसमें रम गए थे – सबने हंसते और नाचते हुए कार्यक्रम का आनंद लिया। एक सरकार अगर नाचे तो इससे अच्छी बात क्या होगी।

मुख्यमंत्री के शब्दों में कहें तो यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है। आंध्र-प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ व सबसे खुशहाल राज्य बनाने के लिए जो विजन 2029 है उसकी यह एक तरह से बुनियाद है। यह वाकई अच्छी बात है कि अब हमारे सामने जो राजनैतिक नेतृत्व आगे आ रहा है वह न सिर्फ अपने ज़िम्मेदारियों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक है बल्कि जनता की भलाई को लेकर फिक्रमंद भी है। यह नेतृत्व सोच रहा है कि कैसे जनता का भला किया जाए। यह एक ऐसा कदम है जो आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। मैं चाहता हूं कि इस कदम से प्रशासन और यहां के लोगों के लिए सौ फीसदी नतीजे निकलें। चूंकि आंध्र-प्रदेश एक नया राज्य है, इसलिए यहां के लोगों की तमाम आकांक्षाएं हैं और मुझे उम्मीद है कि जो भी लोग हमारे साथ खड़े हैं, वे इस बात से सहमत होंगे कि किसी भी हाल में आंध्र-प्रदेश की जनता को निराश नहीं होने देना चाहिए। यह सबसे महत्वपूर्ण है। यहां के लोगों ने एक बहुत मुश्किलों से भरी जिंदगी जी है। अगर आप यहां के शहरों और गांवों में जाएं तो आपको अहसास होगा कि कितनी कठोर जिंदगी इन्होंने जी है। हालांकि भारत के पास जबरदस्त प्रतिभा और महान विरासत है लेकिन जीवनशैली के मामले में हम अभी भी काफी पीछे हैं। अगर आप अफ्रीका के दूरदराज या पिछड़े इलाकों में भी चले जाएं तो आप देखेंगे कि उनके बच्चे अच्छे से खा पी रहे हैं। हिदुंस्तान में यह होना अभी बाकी है।

आंध्र-प्रदेश को एक समृद्धशाली और एक खुशहाल राज्य बनाने की पावन जिम्मेदारी हम सब की है। आइए हम सब इसे कर दिखाएं।
जिस समर्पण और दूरदर्शिता के साथ नए राज्य का काम चल रहा है वह अपने आप में अभूतपूर्व है। मैं इस पहल के लिए सभी को बधाई देता हूं। किसी मुख्यमंत्री को इतने समर्पण के साथ काम करते देखना अपने आप में काफी सुखद है। वह हर मामले में बहुत प्रखर हैं। यहां तक कि मैंने कॉर्पोरेट लीडर्स में भी फैसलों को लेकर इतनी तत्परता और स्पष्टता नहीं देखी है। राजनैतिक नेतृत्व व अफसरशाही को एक पैर पर खड़े होकर काम करते देखना अपने आप में बेहद रोचक व प्रेरणादायक है। मैं लंबे अर्से से ऐसा होते देखना चाहता था।

इसी के साथ केंद्र सरकार में भी काबिलेगौर बदलाव नजर आ रहा है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले सालों में हम एक रूपांतरण ला पाएंगे। पिछले साठ सालों में इस देश में लगातार जिस चीज की कमी खलती नजर आ रही थी वह है नेतृत्व की कमी। आज हमारी जरूरत किसी एक नेता की नहीं बल्कि विभिन्न स्तरों पर नेतृत्व की है। आज ऐसे नेताओं की जरुरत है जो अपनी भलाई और खुशहाली से ज्यादा लोगों की भलाई और खुशहाली के लिए काम कर सकें। आंध्र-प्रदेश के लोगों के पास आज एक ऐतिहासिक और अनूठा अवसर है कि वो अपने राज्य को नए सिरे से गढ़ सकें। नए सिरे से गढ़ने का मतलब यह नहीं है कि इसे भौगोलिक तौर पर टुकड़ों में बांट दिया जाए बल्कि इसका आशय वहां के पांच करोड़ लोगों की जिंदगी तक पहुंचने और उसे बदलने की संभावना से है। अगर आप उनकी जिंदगी को प्रभावित करने में सफल होते हैं तो आपको ऐसी संतुष्टि का अहसास होगा जिसके बारे में ज्यादातर लोग कभी जान ही नहीं पाते। अगर आप सही कदम सठा सकें तो आप एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

जहां बात आपके प्रशासन व काम करने की आती है, तो आपको सुझाव व ट्रेनिंग देने के लिए बहुत लोग मिल जाएंगे। लेकिन जहां बात आपके भीतरी कल्याण की है तो हम चाहेंगे कि इसे संभव और सफल बनाने के लिए हमारा पूरा सहयोग आपको मिल सके।

Love & Grace

 
 
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